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कुर्सी में बैठने पर विवाद, महिला डॉक्टर को महिला DSP ने जड़ा तमाचा, बोली जानती नहीं क्या, मैं कौन हूं…?

जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. अनामिका मिंज को ड्यूटी के दौरान डीएसपी ने तमाचा जड़ दिया। सिटी कोतवाली में डीएसपी लितेश सिंह पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है।
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बेमेतरा

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Dakshi Sahu

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Updated: 15 Oct 2018, 9:49 AM IST

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कुर्सी में बैठने पर विवाद, महिला डॉक्टर को महिला DSP ने जड़ा तमाचा, बोली जानती नहीं क्या, मैं कौन हूं...?

बेमेतरा. जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. अनामिका मिंज को ड्यूटी के दौरान डीएसपी ने तमाचा जड़ दिया। सिटी कोतवाली में डीएसपी लितेश सिंह पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है। वहीं डीएसपी की रिपोर्ट पर डॉ. मिंज पर मारपीट एवं दुव्र्यवहार का जुर्म दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

आवेश में आकर तमाचा जड़ दिया
बेमेतरा वार्ड-5 की मूल निवासी लितेश सिंह महासमुंद में डीएसपी हैं। वे रविवार को अपने पिता को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची थीं। जहां ड्यूटीरत डॉ. अनामिका मिंज मरीजों को देखने राउंड पर गई थीं। डीएसपी अपने पिता को कैजुअल्टी वार्ड में लेकर पहुंची। डॉ. मिंज के अनुसार राउंड से कैजुअल्टी वार्ड में लौटने पर डीएसपी उनकी चेयर पर बैठी हुई थीं। इस संबंध में पूछने पर वे पुलिसिया रौब दिखाते हुए उसके साथ दुव्र्यवहार करने लगी और आवेश में आकर तमाचा जड़ दिया।

इससे आहत होकर संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है। इसके विपरीत डीएसपी ने बताया कि राउंड से कैजुअल्टी लौटने पर डॉ. मिंज उनके पिता को चेक किए बगैर दवाइयां लिखकर वहां से चली गई। करीब आधा घंटा बाद फिर से वार्ड में लौटी। इस दौरान डीएसपी भूलवश डॉक्टर की चेयर पर बैठ गई।

इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगा। लेकिन डीएसपी ने डॉक्टर के आरोपों को नकारते हुए हाथापाई से इनकार किया है। डॉ. मिंज की रिपोर्ट पर डीएसपी पर धारा 186, 294, 323 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं डीएसपी की रिपोर्ट पर डॉ. मिंज पर धारा 294, 323, 506 के तहत प्रकरण दर्ज हुआ है।

घटना से डॉक्टरों में नाराजगी
इस घटना से जिले के सरकारी डॉक्टरों में खासी नाराजगी है। उन्होंने ड्यूटी के दौरान महिला डॉक्टर से हाथापाई के लिए जिम्मेदार डीएसपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना सुबह करीब 9.30 बजे की है। थाने में एफआइआर दर्ज कराने पहुंची डॉ. मिंज को दो घंटे बैठाए जाने के बाद सिर्फ आवेदन लेकर लौटा दिया गया।

इससे नाराज डॉक्टरों ने आंदोलन की तैयारी कर ली थी, लेकिन करीब दो घंटे बाद दोनों पक्षों के दोबारा थाना पहुंचने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। राजेश मिश्रा सिटी कोतवाली प्रभारी बेमेतरा ने बताया दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराई गई है, जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

डीएसपी ने कहा-डॉक्टर के दुव्र्यवहार से सभी परेशान
डीएसपी लितेश सिंह ने कहा कि डॉ. मिंज के व्यवहार से मरीज व उनके परिजन परेशान हैं। जिसका नमूना रविवार को देखने को मिला। उनके पिता लीवर पेशेंट है, जिनका रायपुर के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। तबीयत बिगडऩे पर वे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी। जहां डॉ. मिंज शुरू से ही दुव्र्यवहार कर रही थीं। डॉक्टर के इस व्यवहार से आहत हूं, इसलिए उनके खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज कराया। वहीं विभागीय कार्रवाई के लिए उनके उच्च अधिकारियों को भी लिखित आवेदन देकर घटना से अवगत कराया जाएगा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा-डीएसपी ने तमाचा जड़ा
मामले की पड़ताल के लिए पत्रिका टीम जिला अस्पताल पहुंची, जहां प्रत्यक्षदर्शियों ने डॉक्टर की शिकायत को सही बताया। उन्होंने बताया कि डॉ. मिंज व डीएसपी के बीच चेयर में बैठने को लेकर विवाद हो रहा था। इस दौरान आवेश में आकर डीएसपी ने डॉक्टर को तमाचा जड़ दिया। वहीं डॉक्टर ने एफआइआर में मौजूद स्टाफ को गवाह बनाया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआइआर कराई है।

डॉक्टरों के व्यवहार को लेकर पहले भी मिल चुकी है कई शिकायतें
जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों के व्यवहार को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। मरीज व उनके परिजन से दुव्र्यवहार के लिए सिविल सर्जन व सीएमएचओ से कई बार शिकायत हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर नोटिस थमाकर खानापूर्ति कर ली जाती है। ठोस कार्रवाई नहीं होने से चिकित्सकों के हौसले बुलंद हैं, नतीजतन आए दिन ऐसे प्रकरण सामने आ रहे है।

केस-1
डॉक्टर को नोटिस थमा कर खानापूर्ति की
बीते साल बेमेतरा वार्ड 15 निवासी आनंद साहू की पत्नी वायरल बुखार के इलाज के लिए जिला अस्पातल पहुंची थीं। जहां उनके बेटे व पत्नी को डॉक्टर के दुव्र्यवहार का सामना करना पड़ा था। डॉक्टर पर कार्रवाई के लिए आनंद साहू की ओर से सिविल सर्जन डॉ. पाल को आवेदन सौंपा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

केस-2
डॉक्टर के दुव्र्यवहार पर जताई थी नाराजगी
करीब 6 महीने पहले सड़क हादसे में घायल युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। उस समय घायल के शराब सेवन करने से नाराज ड्यूटीरत चिकित्सक ने उसे तमाचा जड़ दिया था। मौके पर मौजूद भाजपा नेता मोन्टी साहू समेत अन्य लोगों ने डॉक्टर के इस दुव्र्यवहार पर विरोध जताते हुए नारेबाजी की थी।