
CG News: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र थानखहरिया में शनिवार की शाम 6 बजे के करीब ग्राम तोरण निवासी कृष्ण कुमार लोधी को थानखहरिया में साजा बायपास के पास कुत्ते ने काट लिया, जिसके बाद घायल युवक अपने साथ अन्य को लेकर अस्पताल पहुंचा। अस्पताल में ड्यूटी पर डॉ. अजित कुमार नायक थे। उपचार के लिए पहुंचे मरीज और डॉक्टर के बीच उपचार को लेकर विवाद हो गया।
CG News: विवाद होने के बाद अस्पातल परिसर में डॉक्टर व मरीज के बीच मारपीट हुुई। प्रार्थी के अनुसार उसे डॉक्टर ने पटककर मारा है। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर डॉक्टर के खिलाफ 296, 351(2), 115(2) बी एन एस के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया। विवाद के दौरान थाने के समाने जमकर नारेबाजी की गई। पुलिस के आला अफसर व प्रशासनिक अधिकारी द्वारा अस्पताल परिसर में लगाए गए सीसीटीवी के फुटेज को भी खंगाला गया।
अस्पताल व थाना के सामने प्रदर्शन करने की सूचना मिलने के बाद सक्षम अधिकारी नगर में डाटे रहे। वहीं कार्रवाई को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। थानखहरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में शनिवार की शाम कुत्ता काटने के बाद उपचार कराने गए मरीज और डॉक्टर के बीच विवाद होने के बाद जमकर मारपीट हुई। लोगों ने थाने के बाहर नारेबाजी कर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की, जिसके बाद थानखहरिया पुलिस ने मामला दर्ज किया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सक्षम अधिकारी थानखहरिया में देर रात तक डटे रहे।
कृष्ण कुमार जब उपचार के लिए जब अस्तपाल पहुंचा तब अस्पताल में डॉक्टर अजीत के आलावा दो महिला नर्स, एक भृत्य व सफाई कर्मी मौजूद था। इस बीच डॉक्टर व मरीज के बीच उपचार को लेकर विवाद हुआ। डॉ. अजीत कुमार के अनुसार जब मरीज आया तो उसे जम अधिक गहरा होने की बात कहते हुए जिला अस्पताल जाने के लिए कहा गया। इससे पूर्व अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के साथ उपचार करने की बात कही थी। नशे में होने की वजह से वो बात नहीं मान रहा था और स्टाफ के साथ भी विवाद कर रहा था, जिसे जाने कहा। उससे कृष्ण कुमार ने जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट की।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर वस्तुस्थिति जानने के लिए थानखहरिया के अस्पताल नहीं पहुंचे। हालांकि सीएचएमओ डॉ. यशवंत ध्रुव के अनुसार जो लोग आये थे, वो नशे में थे। विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई। घटना की जांच की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बीते 4 सिंतबर को महिला चिकित्सकों, अस्पताल में भर्ती बालक, बालिकाओं, महिलाओं एवं अन्य रोगियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के लिए के अलग-अलग शासकीय एवं निजी अस्पतालों के डॉक्टर, अस्पताल प्रबंधन की बैठक ली गई थी, जिसमें अस्तपाल में सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने कहा गया था।
Updated on:
30 Sept 2024 03:31 pm
Published on:
30 Sept 2024 03:31 pm
