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न नोटिफिकेशन, न इंटरव्यू…. चुपके से भर्ती हो गए 445 आउटसोर्स कर्मचारी!

MP Jobs News: स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग भर्ती में बड़ा खेल सामने आया है। बिना विज्ञापन, बिना चयन प्रक्रिया और बिना मेरिट के 445 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नियुक्त, लेन-देन और सांठगांठ के आरोप।

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बेतुल

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Akash Dewani

Dec 01, 2025

health department outsourcing recruitment scam illegal appointments mp jobs news

Betul health department outsourcing recruitment scam (फोटो- सोशल मीडिया)

Outsourcing recruitment scam: बैतूल जिले के स्वास्थ्य विभाग (Betul health department) में की गई करीब साढ़े चार सौ मल्टी स्किल्ड ग्रुप डी वर्कर की भर्ती को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया चुपचाप और बिना किसी औपचारिकता के पूरी कर ली गई। जिससे भर्ती में अनियमितता की आशंका है। ये नियुक्तियां आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से की गई, लेकिन चयन प्रक्रिया को लेकर न तो कोई विज्ञापन जारी किया गया, न आवेदन मांगे गए और न ही इंटरव्यू की औपचारिकता निभाई गई। (MP Jobs News)

ब्लॉकों से 40 से 45 लोगों को भर्ती

आउटसोर्सिंग के माध्यम से जिले के सभी दस सेहरा, आठनेर, चिचोली, भीमपुर, भैंसदेही, मुलताई, आमला आदि ब्लॉकों के सिविल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र में कर्मचारियों की भर्ती की गई है। सभी ब्लॉकों से 40 से 45 लोगों को भर्ती किया है। बिना किसी चयन समिति के गठन, बिना मेरिट सूची के और बिना किसी पारदर्शी प्रक्त्रिस्या के सैकड़ों लोगों को अचानक नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए।

स्वास्थ्य केंद्रों अधिकारियों को भी नहीं थी जानकारी

स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारियों तक को इस भर्ती के बारे में जानकारी नहीं थी और जब अचानक नए कर्मचारी गांवों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल और उपस्वास्थ्य केंद्रों में उपस्थित होने लगे तो स्थानीय अधिकारी भी चौंक गए। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव के आदेश बावजूद एक वर्ष बाद नियुक्ति की गई।

लेन-देन का भी आरोप

दसवीं पास योग्यता पर भर्ती होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके सत्यापन का कोई रिकॉर्ड नहीं है। न योग्यता प्रमाणपत्रों की जांच हुई, न दस्तावेजों का सत्यापन। यह भी आरोप है कि भर्ती के दौरान भारी लेन-देन हुआ और पैसों के आधार पर चयन किए गए।

दस दिन में नियुक्ति के निर्देश

सभी ब्लॉकों के अस्पतालों में नियुक्त किए लोगों को आदेश जारी कर दस दिनों में नियुक्ति के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भर्ती यदि सही तरीके से होती तो कम से कम एक विज्ञापन, आवेदन प्रक्रिया, मेरिट लिस्ट या इंटरव्यू की सूचना जरूर होती, लेकिन पूरी प्रक्रिया को गुप्त रखकर किया गया।

एजेंसी और अधिकारियों की सांठ-गांठ

जानकारी के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में विभाग के कुछ अधिकारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसी के बीच सांठगांठ की चर्चाएं हैं। आरोप हैं कि जिन लोगों को रखा गया है, वे ज्यादातर अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के चहेतों में शामिल हैं। कई जगहों पर एक ही परिवार के दो और तीन लोगों को भी नौकरी दे दी गई। नियमों के अनुसार जिले के स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जानी थी, लेकिन वास्तविकता में अन्य जिलों के लोगों को भी बड़ी संख्या में नियुक्त किया है। (MP Jobs News)

अनियमितता की गई है तो इसे दिखवाता हूं

पूर्व में ही एजेंसी को सफाई आदि का ठेका दिया है। इसी के आधार पर आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों को रखने के भी आदेश दिए हैं। भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की गई है तो इसे दिखवाता हूं। -डॉ. मनोज हुरमाड़े, सीएमएचओ बैतूल