25 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अभी खत्म नहीं होगा CJP का जंतर-मंतर प्रदर्शन! धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बोले अभिजीत दीपके- लड़ाई अभी जारी है

Abhijeet Dipke on Dharmendra Pradhan Resigns: नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। सीजेपी अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन से जुड़ी अहम मांग मान ली गई है, लेकिन छात्रों के परिवारों को मुआवजा और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग अभी भी पूरी नहीं हुई है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Dinesh Dubey

Jul 25, 2026

Abhijeet Dipke CJP Protest

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, अभिजीत दीपके बोले- अभी 2 मांगें और हैं (Photo: IANS)

Cockroach Janta Party Protest Update: नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर 20 जून से चल रहे देशव्यापी आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैंने कभी अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा है। हालांकि, जंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संकेत दिया है कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं होगा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा उनकी दो अहम मांगें अभी भी बाकी हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने रखीं दो मांगें

सीजेपी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि आंदोलन की एक बड़ी मांग पूरी हुई है, लेकिन अभी दो महत्वपूर्ण मांगें बाकी हैं। उन्होंने कहा कि NEET विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही 20 तारीख को आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर ‘गुंडों’ की तरह कार्रवाई और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

अभिजीत दीपके ने संकेत दिया कि जब तक इन मांगों पर फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस्तीफे में क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि उन्होंने पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए काम किया है और देश के युवाओं की आकांक्षाओं का हमेशा सम्मान किया है।

उन्होंने कहा कि 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने तत्काल सीबीआई जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द की गई और दोबारा परीक्षा कराई गई। साथ ही अगले वर्ष से परीक्षा को सीबीटी (Computer Based Test) मोड में कराने का फैसला लिया गया।

प्रधान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारु रूप से कराना थी, जिसमें केंद्र, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, अभिभावकों और छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

'मैंने जिम्मेदारी से कभी मुंह नहीं मोड़ा'

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि उन्होंने पहले दिन से इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और कभी इससे पीछे नहीं हटे। उन्होंने लिखा कि "हम किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे और किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।"

उन्होंने यह भी कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG के परिणाम संतोषजनक रहे, लेकिन इस दौरान कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।

‘जंतर-मंतर आंदोलन से दुखी हूं’

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में जंतर-मंतर पर पिछले दिनों हुए घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुखी किया। उन्होंने लिखा कि उनका इस्तीफा किसी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के हित, राष्ट्रीय एकता और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि देश की युवा शक्ति भ्रम का शिकार हो या विद्यार्थियों का भविष्य कानूनी विवादों में उलझे।

अब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद सभी की नजर केंद्र सरकार और आंदोलनकारियों के बीच आज होने वाली आगे की बातचीत पर है। यदि सीजेपी की शेष मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।