
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कसा तंज (सोर्स-IANS)
Lok Sabha mic controversy: गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ संसद के विशेष सत्र की शुरुआत हुई। इन मुद्दों से जुड़े तीन बड़े विधेयक लोकसभा में रखे गए थे, जिस वजह से एक तरफ माहौल बहुत गरमाया हुआ था, लेकिन वहीं दूसरी तरफ इसी बीच एक छोटी तकनीकी दिक्कत सामने आई, जब विपक्ष के नेताओं की तरफ से माइक को लेकर सवाल उठने लगे। इसी दौरान राहुल गांधी ने माइक की ओर इशारा किया और उसी का जवाब देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने जवाब देते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा। इस छोटी-सी घटना ने राजनीतिक बहस के बीच सबका ध्यान बटोरा, जिससे माहौल हल्का हो गया।
संसद के विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार से सवाल किया कि यदि 33% आरक्षण का प्रस्ताव लाया गया है, तो इसे 2024 में ही लागू क्यों नहीं किया गया। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना विधेयक पर पूरी चर्चा किए उसके इरादों पर सवाल उठाना सही नहीं है।
जैसे ही लोकसभा अध्यक्ष ने वेणुगोपाल को सदन की कार्यवाही से जुड़ी प्रक्रिया समझानी शुरू की, उसी वक्त विपक्ष की ओर से यह सवाल उठ गया कि उनका माइक ठीक से काम कर रहा है या नहीं। विपक्ष के एक नेता ने कहा कि माइक म्यूट है, जिस पर राहुल गांधी ने भी माइक की ओर इशारा करते हुए कहा, "नो माइक।" इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा, "चालू है माइक, चालू है, आपका ही बंद होता है।"
लोकसभा अध्यक्ष के इस तंज को राहुल गांधी के पुराने बयानों से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने पहले भी यह आरोप लगाए हुए हैं कि संसद में जब विपक्ष अपनी बात रखता है, तो उनकी आवाज को दबाने के लिए माइक बंद कर दिए जाते हैं। 2023 में ब्रिटेन दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि संसद में उन्हें कई बार बोलने नहीं दिया गया और उनका माइक बंद कर दिया जाता है। वहीं 2024 में भी कांग्रेस के एक नेता ने ऐसा ही दावा किया था, जिसके बाद इस मुद्दे पर काफी हंगामा देखने को मिला था।
लोकसभा में संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिली। सरकार ने महिला आरक्षण कानून में बदलाव और परिसीमन आयोग बनाने से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा में पेश किए। उनमें 'संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026' शामिल हैं। इनका विपक्ष ने कड़ा विरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और गृह मंत्री अमित शाह की विपक्षी नेताओं जैसे अखिलेश यादव और के.सी. वेणुगोपाल के साथ तीखी बहस हुई। इस दौरान कई बार सदन में हंगामे जैसी स्थिति भी बन गई।
सरकार ने लोकसभा की सीटें बढ़ाकर करीब 850 करने का प्रस्ताव रखा, जिसने भी नई बहस छेड़ दी है। खासकर दक्षिण के राज्यों, जैसे तमिलनाडु और तेलंगाना, में इस प्रस्ताव को लेकर चिंता जताई जा रही है। उन्हें लगता है कि परिसीमन के बाद उनकी सीटें कम हो सकती हैं, जिससे उनकी राजनीतिक ताकत घट सकती है।
Updated on:
16 Apr 2026 02:40 pm
Published on:
16 Apr 2026 02:39 pm
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