
आगामी पंचायत चुनावों से पूर्व प्रदेशभर में पंचायत परिसीमन/ पुनर्गठन की कवायद जारी है। इसके चलते इन दिनों बयाना विधानसभा के उपखंड रूपवास व उपखंड बयाना क्षेत्र के ग्रामीण अचल में पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं।
कई गांवों के ग्रामीण अपने-अपने गांव को पंचायत बनाने के लिए ऐडी-चोटी तक का पूरा जोर लगा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को ज्ञापन देे चुके हैं, जबकि कई गांवों के ग्रामीण नई ग्राम पंचायतों में जोड़ने व वर्तमान ग्राम पंचायतों से हटाने के विरोध में ज्ञापन देकर आंदोलन की चेतावनी भी दे चुके हैं। ग्रामीणों को लामबंद होता देख क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं भाजपा पदाधिकारी अपने संभावित नफा-नुकसान का आंकलन करते हुए पुनर्गठन में दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पंचायत पुनर्गठन के तहत रूपवास उपखंड को करीब आधा दर्जन नवीन ग्राम पंचायतों की सौगात मिल सकती है। वर्तमान में मौजूद 32 ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 39 तक होने की उम्मीद है। इसी तरह बयाना उपखंड क्षेत्र में मौजूदा 46 ग्राम पंचायतों से बढ़कर 54 तक करीब आधा दर्जन से अधिक नई ग्राम पंचायत बनने को लेकर कवायद हो रही है। सूत्रों के अनुसार जनप्रतिनिधि व आमजन से मिले सुझावों के अनुसार प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं और जिला कलक्टर के समक्ष भेजा जा रहा है। इसके बाद करीब एक माह तक प्रस्तावों को प्रकाशित कर आपत्तियां आमंत्रित की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार रूपवास व बयाना पंचायत समिति क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक नई ग्राम पंचायतें बन सकती हैं। कुछ संभावित नवीन ग्राम पंचायत को लेकर थोड़ा विवाद भी बताया जा रहा है।
बयाना व रूपवास उपखंड क्षेत्र में पंचायत पुनर्गठन की इस कवायद के पीछे दो पंचायत समिति का सृजन भी कारण माना जा रहा है। संभावना है कि पंचायत पुनर्गठन के बाद रूपवास उपखंड के तहसील मुख्यालय रुदावल पर एक नई पंचायत समिति के सृजन होने की सर्वाधिक चर्चा है। नवसृजित पंचायत समिति में रुदावल के इर्द-गिर्द मौजूद करीब 20 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जा सकता है।
वहीं बयाना उपखंड के गांव बंध बारैठा अथवा लहचौरा कला को पंचायत समिति बनाए जाने की चर्चा है। जिसमें गांव बंध बारैठा अथवा लहचौरा कला से सटी करीब 20 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जा सकता है। नई पंचायत समितियों का सृजन होने के बाद बयाना विधानसभा क्षेत्र में चार पंचायत समिति हो जाएंगी।
पंचायत पुनर्गठन के लिए पूर्व में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम में संशोधन किया गया है। इसके तहत 30 मार्च तक प्रस्ताव तैयार करना, 31 मार्च से 30 अप्रेल तक प्रस्तावों को प्रकाशित कर आपत्तियां आमंत्रित, 1 से 10 मई तक प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण, 11 से 20 मई तक आपत्ति निस्तारण के बाद प्रस्ताव तैयार कर पंचायती राज विभाग को भेजने एवं राज्य स्तर पर 21 मई से 4 जून तक निस्तारण होगा।
Published on:
28 Mar 2025 12:48 pm
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