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Bharatpur Road Accident : टिफिन लेकर निकली मां अब नहीं लौटेगी, तेज रफ्तार टैंकर ने दो मासूमों की दुनिया उजाड़ दी

Bharatpur Road Accident : भरतपुर में रोज की तरह घर से टिफिन बांटने निकली मां को क्या पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। वो दुनिया से चलीं गई पर बच्चे घर पर इंतजार कर रहे हैं।

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Bharatpur Road Accident Mother went out with tiffin and never returned high speed tanker hit Aarti painful death

भरतपुर में दुर्घटना के बाद आरबीएम अस्पताल में परिजन व मृतक आरती। फोटो पत्रिका

Bharatpur Road Accident : भरतपुर में रोज की तरह घर से टिफिन बांटने निकली एक मां को क्या पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। सेवर थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने न केवल एक महिला की जान ले ली, बल्कि दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया भी छीन लिया।

जानकारी के अनुसार महारासर गांव निवासी आरती (30 वर्ष) पत्नी केतन रोजाना की तरह अपने टिफिन सेंटर से भोजन तैयार कर स्कूटी से शहर में सप्लाई देने निकली थी। वह गोलपुरा रोड की ओर टिफिन बांटने जा रही थी। दोपहर करीब 12 बजे मथुरा बाईपास स्थित अम्बलिंकिंग छात्रावास के पास सामने से आए तेज रफ्तार टैंकर ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आरती सड़क पर गिर गई और टैंकर का पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया।

हादसा इतना भयावह था कि आरती की मौके पर ही मौत हो गई। आस-पास मौजूद लोग सन्न रह गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हादसे के बाद आरोपी टैंकर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। हालांकि वहां मौजूद कुछ लोगों ने वाहन का नंबर नोट कर लिया, जिसके आधार पर पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव

सेवर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। आरती टिफिन सेंटर चलाकर परिवार का सहारा बनी हुई थी। पति केतन खेती का काम करते हैं, लेकिन घर की जिम्मेदारियों में आरती का योगदान अहम था। अब उसके जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

उजड़ गई दो बच्चों की दुनिया

सबसे ज्यादा मार उनके दो बच्चों पर पड़ी है। आरती की 12 साल की बेटी मानवी और 9 साल का बेटा कृष्णा है, जो अब हमेशा के लिए मां के स्नेह से वंचित हो गए। घर में मातम पसरा है और हर आंख नम है। हादसे के दौरान आरती की स्कूटी पर रखे टिफिन सड़क पर ही बिखर गए।

पड़ोसी मदद के लिए जुटे हैं लेकिन बच्चे सन्न बैठे रो रहे हैं। मानवी अपनी मां की याद में चुपचाप स्कूटी का टूटा हिस्सा थामे है जबकि कृष्णा बार-बार पूछ रहा है कब आएगी मम्मी।