
भरतपुर के नदबई में सर्राफा व्यापारी की हत्या पर विधायक का बयान (फोटो- पत्रिका)
Bharatpur-Nadbai Jeweler Yogendra Chopra Murder: भरतपुर/नदबई: राजस्थान के भरतपुर जिले का नदबई कस्बा बुधवार शाम गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। बेखौफ बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी योगेंद्र चौपड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी और जेवरात से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और व्यापारियों के साथ-साथ आम जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। बुधवार शाम करीब 7:15 बजे, 45 वर्षीय सर्राफा व्यापारी योगेंद्र चोपड़ा अपनी दुकान मंगल कर स्कूटी से घर लौट रहे थे। जब वे पंजाबी मोहल्ले के पास पहुंचे, तो पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोका।
इससे पहले कि योगेंद्र कुछ समझ पाते, बदमाशों ने बेहद नजदीक से उनके गले में गोली दाग दी। गोली लगने के बाद योगेंद्र लहूलुहान होकर स्कूटी समेत सड़क पर गिर पड़े। बदमाश मौके का फायदा उठाकर उनका जेवरात से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। स्थानीय लोग उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही नदबई विधायक कुंवर जगत सिंह ने कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए बदमाशों को सीधी चेतावनी दी है। विधायक ने कहा, मुझे इस घटना से गहरा झटका लगा है। जिन लोगों ने इस हत्या को अंजाम दिया है, उन्हें जल्द पकड़ लिया जाएगा। मैं कसम खाकर कहता हूं कि नदबई में ऐसी वारदात दोबारा नहीं होगी। अब खून का बदला खून से लिया जाएगा।
विधायक ने मृतक के परिवार को सांत्वना देते हुए सरकारी सहायता, मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले 18 महीनों में छोटी-मोटी 4-5 वारदातें हुई हैं, लेकिन लूट के लिए हत्या जैसी यह पहली बड़ी घटना है, जिसने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुरुवार सुबह जैसे ही खबर फैली, नदबई का पूरा बाजार स्वतः स्फूर्त बंद हो गया। व्यापारियों और सर्व समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित लोग मृतक का शव स्ट्रेचर पर रखकर मुख्य बाजार से रैली निकालते हुए थाने तक पहुंचे और वहां धरना दिया।
व्यापारियों ने पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र होगा। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और उनके पुत्र को MBBS में प्रवेश दिलाने जैसी मांगें रखी गई हैं।
योगेंद्र चोपड़ा अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके पिता का पहले ही देहांत हो चुका था। अब परिवार में उनकी वृद्ध मां, छोटा भाई, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी रह गए हैं। इस घटना ने पूरे परिवार को बिखरने की कगार पर ला खड़ा किया है, जिससे स्थानीय समाज में और भी अधिक सहानुभूति और गुस्सा है।
तनाव को देखते हुए भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) दिगंत आनंद खुद मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। एसपी ने भरोसा दिलाया है कि बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे। फिलहाल, पूरे कस्बे में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
Published on:
26 Mar 2026 02:56 pm
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