6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में 62 बीघा जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: दो बड़े भाइयों ने छोटे भाई को सरेआम मार डाला, गांव में पुलिस बल तैनात

जमीनी के बंटवारे के विवाद को लेकर मानसिंह की बैठक पर पंचायत हुई थी जिसमें जमीन बंटवारे की सहमति लगभग बन गई। लेकिन पंचायत से पंच चले जाने के बाद दोनों पक्षों में गाली गलौच शुरू हो गई और खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई।

2 min read
Google source verification

हमले में घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पहाड़ी थाना इलाके के गांव जसोंती में जमीन बंटवारे के विवाद को लेकर बड़े भाइयों ने छोटे भाई की धारदार हथियारों से वार कर हत्या दी। दोनों बड़े भाइयों ने छोटे भाइयों के बच्चों पर भी जानलेवा हमला किया। घटना के दौरान जब ग्रामीण उन्हें बचाने आए तो, ग्रामीणों को वहां से भगा दिया। करीब 1 घंटे तक घायल सड़क पर तड़पते रहे। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को पहाड़ी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां से 4 लोगों को रैफर कर दिया गया।

ग्रामीण बचाने आए तो, उन्हें भगाया

मान सिंह और हीरा सिंह पक्ष में जमकर खूनी संघर्ष चला। इस दौरान ग्रामीणों ने बच्चू सिंह पक्ष को बचाने की कोशिश की तो, मान सिंह और हीरा सिंह पक्ष ने ग्रामीणों को वहां से भगा दिया। साथ ही बच्चू सिंह व उसके बच्चों के मोबाइल छीन लिए, ताकि वह किसी को बुला न सके। घटना में बच्चू सिंह पर कुल्हाड़ी से कई वार किए।

किसी ग्रामीण ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तब आरोपी वहां से भाग गए। पुलिस ने सभी घायलों को पहाड़ी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां से सचिन, उसके पिता बच्चू सिंह और चाचा परशराम, विष्णु को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रैफर कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चू सिंह की मौत हो गई।

मानसिंह के घर पर हुई थी पंचायत

जमीनी के बंटवारे के विवाद को लेकर मानसिंह की बैठक पर पंचायत हुई थी जिसमें जमीन बंटवारे की सहमति लगभग बन गई। लेकिन पंचायत से पंच चले जाने के बाद दोनों पक्षों में गाली गलौच शुरू हो गई और खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। बच्चू की मौत की सूचना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से शांति बनी रहे। इसलिए पुलिस बल तैनात किया गया है। आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है।

इसको लेकर था झगड़ा

जानकारी में आया है कि 62 बीघा जमीन में बंटवारा बुजुर्गों की ओर से पूर्व में किया जा चुका था। उक्त जमीन का हिस्सा बच्चू के नाम दर्ज था। जबकि मानसिंह व हीरा पक्ष उसे जबरन जुताई कर फसल उगाते थे। जिसको लेकर लंबे वक्त से विवाद चला आ रहा था।