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अंगुलियों ने बनाई दूरी तो आंखों ने छोड़ा साथ

सरकार पीट रही योजनाओं का ढिंढोरा, इधर पेंशन के लिए भटक रहीं वृद्धा, सत्यापन को संबंधित कार्यालयों के बीच भटक रहे वृद्धजन
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अंगुलियों ने बनाई दूरी तो आंखों ने छोड़ा साथ

अंगुलियों ने बनाई दूरी तो आंखों ने छोड़ा साथ

डीग. जिलेभर में इन दिनों विकसित भारत संकल्प यात्रा का आयोजन कर केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। लेकिन जिले के सैकड़ों वृद्धजनों को पेंशन ही उपलब्ध नहीं हो पा रही है। वृद्धजनों को पेंशन देने के मामले में सरकार की ओर से भले ही वाहवाही लूटी जा रही है। लेकिन जिले में सैकड़ों वृद्धजन पेंशन से वंचित है। पेंशन नहीं मिलने व आधी अधूरी जानकारी के अभाव में वृद्धजन आधार सेंटर व संबंधित कार्यालयों में पेंशन के लिए भटक रहे हैं। लेकिन आधार अपडेशन के अभाव में उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। वे आधार कार्ड को ही आधार मानकर घर लौट जाते हैं। पेंशन के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता नहीं होने की जानकारी के अभाव में सैकड़ों वृद्धजनों को पेंशन का इंतजार है।

नहीं हो रहा अपडेशन -

जिले में सैकड़ों वृद्धजनों के आधार कार्ड का अपडेशन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उन्हें आधार सेंटर के चक्कर लगाकर निराश लौटना पड़ रहा है। आधार सेंटर पर फिंगर के निशान नहीं आने व आंखों का कान्टेक्ट भी कैमरे में नहीं आने से आधार कार्ड का अपडेशन नहीं हो पा रहा है। जिससे उनके आधार में नाम, आयु, पता परिवर्तन के साथ ही मोबाइन नम्बर नहीं जुड़ रहे हैं। वृद्धजनों का मानना है कि अगर आधार कार्ड में एक बार मोबाइल नम्बर जुड़ जाए तो ओटीपी के माध्यम से पेंशन या सरकार की अन्य योजनाओं के लिए सत्यापन हो जाता है। लेकिन मोबाइल नम्बर आधार से लिंक नहीं होने से कई बार उन्हें सरकार की योजनाओं के फायदों से वंचित होना पड़ता है।

नहीं हो रहा ऑनलाइन सत्यापन -

पेंशन से वंचित सैकड़ों लोगों का ऑनलाइन सत्यापन नहीं हो रहा है। वहीं विभाग की ओर से उनका ऑफलाइन सत्यापन भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में जिले में सैकड़ों वृद्धजन पेंशन से वंचित है। जिले के कई वृद्धजनों को तो एक साल से अधिक समय से पेंशन नहीं मिल रही है। वृद्धजन अपने परिजनों के साथ महंगे किराए पर वाहन लेकर संबंधित कार्यालय व आधार सेंटर पहुंचते है। लेकिन सत्यापन नहीं होने से उन्हें निराश लौटना पड़ता है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पेंशन से संबंधित दस्तावेजों में भिन्नता होने पर संबंधित विकास अधिकारी या उपखंड स्तर पर उनमें संशोधन करवाया जाकर नियमित पेशंन का लाभ लिया जा सकता है। लेकिन जानकारी के अभाव में लोग आधार सेंटर व कार्यालयों में कार्मिकों के पास चक्कर लगाकर निराश लौट रहे है।

केस नंबर - 1

डीग के गडरिया मोहल्ला निवासी विस्सो देवी सत्यापन के लिए भटक रही है। सत्यापन के समय इनके फिंगर व फोटो कैप्चर नहीं होने एवं आधार कार्ड में मोबाइल नंबर के नहीं जुड़े होने के कारण इनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है।

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केस नंबर - 2

डीग के किशनपुर मोहल्ला निवासी माना देवी के आाधार कार्ड में बायोमैट्रिक अपडेशन नहीं होने के कारण उन्हें पेंशन के लिए भटकना पड रहा है। इनका भी मोबाइल नंबर आधार कार्ड में नहीं जुड पा रहा है।

इनका कहना -

किसी वृद्धजन या पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं रोकी जा सकती है। पेंशन की मैपिंग आधार कार्ड से है। अगर किसी के आधार कार्ड व जनाधार में आयु, नाम, जन्मतिथि आदि में कोई गलती है तो इसके कारण मैपिंग नहीं हो पा रही है। जिससे पेंशन सत्यापन में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में संबंधित व्यक्ति अपनी नाम, आयु, जन्मतिथि को दस्तावेजों में सही कराएं। पेंशन संबंधित दस्तावेज, पीपीओ के नाम या आयु में भिन्नता है, तो उसे संशोधित करवा सकते हैं।

-कुलदीप सिंह, जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी, डीग