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Bharatpur News: प्रदेश में इस योजना के करीब ढाई लाख लाभार्थियों का साढ़े 62 करोड़ का भुगतान अटका

भरतपुर. राज्य सरकार की ओर से बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही राजश्री योजना का लाभ उनके लाभार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। योजना के साफ्टवेयर से भगुतान स्वीकृति का विकल्प हटा दिया गया है। इसके चलते पूरे प्रदेशभर में दिसम्बर 2018 के बाद से योजना के तहत किसी लाभार्थी को भुगतान नहीं हो पाया है।
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Bharatpur News: प्रदेश में इस योजना के करीब ढाई लाख लाभार्थियों का साढ़े 62 करोड़ का भुगतान अटका

भरतपुर. राज्य सरकार की ओर से बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही राजश्री योजना का लाभ उनके लाभार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। योजना के साफ्टवेयर से भगुतान स्वीकृति का विकल्प हटा दिया गया है। इसके चलते पूरे प्रदेशभर में दिसम्बर 2018 के बाद से योजना के तहत किसी लाभार्थी को भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में भरतपुर जिले के साढ़े सात हजार लाभार्थियों का करीब 1.87 करोड़ और प्रदेशभर में करीब ढाई लाख लाभार्थियों का करीब साढ़े 62 करोड़ का भुगतान अटक गया है। इस संबंध में जिला मुख्यालय से जयपुर मुख्यालय के उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।


इसलिए अटका भुगतान
जिस सॉफ्टवेयर से ऑनलाइन भुगतान किया जाता है। इसके तहत पहले ऑनलाइन वेरिफाई होता है और उसके बाद अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी प्रभारी ऑनलाइन सेंशन करते हैं। सेंशन होने के बाद भुगतान संयुक्त निदेशक के पास पहुंचता है। यहां से बैंक ऑफ बड़ौदा के राज्य सरकार के खाते में जाता है, जहां से लाभार्थियों के खातों में जाता है। लेकिन इस सॉफ्टवेयर से सेंशन का मीनू हटा दिया गया है। इस कारण पूरे प्रदेशभर में बीते साढ़े तीन माह से राजश्री योजना के लाभार्थियों को भुगतान नहीं हो पाया है। योजना के तहत बेटी के जन्म के समय 2500 रुपए की अािर्थक सहायता देने का प्रावधान है। ऐसे में जिले में करीब साढ़े सात हजार लाभार्थियों का 1.87 करोड़ और प्रदेश के करीब ढाई लाख लाभार्थियों का साढ़े 62 करोड़ का भुगतान अटक गया है।


दिसम्बर तक था 2909 का गैप
विभागीय आंकड़ों के अनुसार भरतपुर जिले में दिसम्बर 2018 तक जिले में जीवित नवजात बच्चियों की संख्या 17,091 थी, जिनमें से उक्त अवधि तक 14,182 को योजना का लाभ मिल चुका था। यानी 2909 लाभार्थियों को भुुगतान नहीं हो पाया था। जिले में औसतन हर माह करीब 1500 बच्चियों का जन्म होता है। ऐसे में जनवरी, फरवरी व मार्च 2019 में जन्मीं करीब 4500 बच्चियों के अभिभावकों को भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया।


ये हैं योजना के लाभ
योजना के तहत विभिन्न चरणों में बालिका के अभिवावकों को आर्थिक सहायता बालिका के जन्म से लेकर कक्षा 12वीं तक बेटी की पढ़ाई, स्वास्थ्य व देखभाल के लिए अभिभावक को 50,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। ये राशि निम्न चरणों में दी जाती है।
- बेटी के जन्म के समय 2500 रुपये
- एक वर्ष का टीकाकरण होने पर 2500 रुपये
-पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर 4000 रुपये
- कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये
- कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर 11000 रुपये
- कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर 25000 रुपये

योजना के लाभ की पात्रता
राजश्री योजना की पहली दो किश्त उन सभी बालिकाओं को मिलेगी जिनका जन्म किसी सरकारी अस्पताल एवं जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) से रजिस्टर्ड निजी चिकित्सा संस्थानों में हुआ हो। ये दोनों किश्त उनके अभिभावकों को तब भी मिलेगी, जिनके तीसरी संतान बालिका हो। किंतु योजना में आगे की किश्तों का लाभ उन्हें नहीं मिल पाएगा।

वर्जन-
बजट की समस्या के चलते पूरे प्रदेश में तीन माह से भुगतान नहीं हो पाया है। दिसम्बर 2018 के बाद से भुगतान नहीं हो पाया है। साथ ही प्रसव के बाद भामाशाह कार्ड नहीं होने, अन्य राज्य वाली प्रसूताओं को भी भुगतान होने में दिक्कत होती है।
- डॉ. गोपाल शर्मा, सीएमएचओ, भरतपुर।

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