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राजस्थान में एप के जरिए लगाएंगे डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया पर लगाम, जानें ODK App कैसे करेगा काम?

ओडीके एप का मुख्य उद्देश्य हाउस इण्डेक्स, ब्रटू इण्डेक्स एवं कंटेनर इण्डेक्स को कम कर मलेरिया, डेंगू के केसों में कमी लाना है।

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chikungunya

Rajasthan medical and health dpartment will control dengue, malaria and chikungunya through ODK App

will be controlled through in Rajasthan

भरतपुर। राजस्थान में मच्छरजनित बीमारियों पर लगाम लगाने के लिए चिकित्सा विभाग लगातार प्रयासरत है। इस कड़ी में एक कदम आगे बढ़ाते हुए अब विभाग टेक्नोलॉजी का भी सहारा लेगा। भारत सरकार की ओर से इस वर्ष मच्छर जनित बीमारियों के अधिक प्रसार की आशंका के बाद प्रदेश में चिकित्सा विभाग ने ओडीके एप (ओपन डाटा किट) का दामन थामा है। इस नवाचार के तहत अब मौसमी बीमारियों (Seasonal diseases) की मॉनिटरिंग विभाग की ओर से ओडीके एप (ODK App0 से की जाएगी। इस नवाचार से प्रदेशभर में मौसमी बीमारियों की स्थिति की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी और बचाव एवं रोकथाम के लिए तत्काल कारगर कदम उठाए जा सकेंगे।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (Rajasthan medical and health dpartment) की अतिरिक्त मुय सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि मच्छरजनित बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया (Malaria, Dengue and chikungunya) की तीव्रता प्राय: बारिश के प्रारंभ जुलाई-अगस्त से लेकर अक्टूबर-नवबर तक रहती है। मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण की दृष्टि से विभाग ने तकनीक के उपयोग पर जोर दिया है।

यह है एप का उद्देश्य

ओडीके एप का मुख्य उद्देश्य हाउस इण्डेक्स, ब्रटू इण्डेक्स एवं कंटेनर इण्डेक्स को कम कर मलेरिया, डेंगू के केसों में कमी लाना है।

भेजनी होंगी तस्वीरें

मच्छर प्रजनन के सभावित स्थान सड़क पर पड़ा हुआ कचरा, नाली में सफाई के अभाव में ठहरा पानी, गड्ढ़ों में भरा पानी, खाली प्लॉट में कचरा, पानी, बड़े जल स्रोतों (तालाब, पोखर, बावड़ी) में कचरा, घर के बाहर पानी के अन्य स्त्रोत टंकी आदि।

इनकी रहेगी जिमेदारी

फील्ड में भ्रमण के दौरान मच्छर के प्रजनन स्थानों की पहचान कर फोटो लेने का कार्य एएनएम, आशा, सीएचओ, एमपीडब्ल्यू, डीबीसी वर्कर, ब्लॉक स्तर से बीपीएम, ब्लॉक सुपरवाइजर, बीसीएमओ, जिला स्तर से एन्टोमोलोजिस्ट, वीबीडी कन्सलटेन्ट, एपिडेमियोलोजिस्ट, डिप्टी सीएमएचओ, सीएमएचओ।

नगर निकायों व पंचायतों को लेना होगा एक्शन

विभाग ओडीके एप के माध्यम से मच्छर जनित बीमारियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग करेगा। ऐप से मच्छर के प्रजनन व लार्वा पाये जाने वाले स्थानों की फोटो लेकर स्वायत्त शासन विभाग या पंचायती राज विभाग को भेजना होगा। फोटो मिलने के बाद संबंधित विभाग उन स्थानों पर एंटी लार्वा एवं मच्छर रोधी गतिविधियां कर आमजन को बीमारियों से बचाएंगे।

ऐसे काम करता है ओडीके

ओपन डेटा किट (ओडीके) एक ओपन सोर्स प्रोजेक्ट है जो ओपन डेटा को संग्रहित करने, प्रस्तुत करने और प्रसारित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह विभिन्न प्रकार के डेटा जैसे कि गवर्नमेंट डेटा, वैज्ञानिक डेटा, शिक्षा डेटा, आदि को एक स्थान पर जोड़ता है। ओडीके के कार्य में समुद्री डेटा, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, विज्ञान क्षेत्रों के डेटा को शामिल किया जा सकता है।

भरतपुर सीएमएचओ डॉ. गौरव कपूर का कहना है कि राज्य सरकार से मिले मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव के लिए ठहरे पानी के निस्तारण एवं पानी के स्त्रोतों के फोटो खींचकर ओडीके ऐप के माध्यम से रिपोर्ट करने के साथ जिले में मच्छर रोधी गतिविधियां कर आमजन को बीमारियों से बचाएंगे।

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