
मगरमच्छ का शिकार करती बाघिन। फोटो- पत्रिका नेटवर्क
सवाईमाधोपुर। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में रविवार उस समय पर्यटकों की सांसें थम गईं, जब उन्होंने जंगल के नियमों को बदलती एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक घटना अपनी आंखों से देखी। जोन नंबर चार के जामुन देह क्षेत्र में बाघिन टी-111 ‘शक्ति’ ने एक विशाल मगरमच्छ का शिकार कर लिया। यह नजारा इतना अप्रत्याशित था कि वहां मौजूद पर्यटक और गाइड भी कुछ क्षण के लिए स्तब्ध रह गए।
वन विभाग के अनुसार, सुबह करीब नौ बजे सफारी के दौरान पर्यटकों ने देखा कि बाघिन तालाब के किनारे पहले से घात लगाकर बैठी हुई थी। तभी एक मगरमच्छ पानी से बाहर निकलकर किनारे की ओर आया। जैसे ही वह जमीन पर पहुंचा, बाघिन ने तेजी से उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मगरमच्छ को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
करीब दस मिनट तक दोनों के बीच जोरदार संघर्ष चला। मगरमच्छ को पानी का खतरनाक शिकारी माना जाता है, लेकिन जमीन पर वह बाघिन की ताकत और फुर्ती के सामने टिक नहीं पाया। अंततः बाघिन ने उसे मार गिराया और अपने जबड़ों में दबोचकर जंगल की ओर ले गई। पूरा घटनाक्रम इतनी तेजी से हुआ कि पर्यटक उसकी हर हरकत को कैमरों में कैद करने के साथ ही हैरानी से देखते रह गए।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ की ओर से मगरमच्छ का शिकार करना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। आमतौर पर बाघ ऐसे भारी और खतरनाक जीवों से दूरी बनाए रखते हैं। बाघिन ‘शक्ति’ का यह शिकार उसकी ताकत, रणनीति और आत्मविश्वास को दर्शाता है। रणथंभौर पहले से ही अपनी टाइगर सफारी और बाघों की गतिविधियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस तरह की घटनाएं यहां के वन्यजीव अनुभव को और भी रोमांचक बना देती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना इस बात का भी संकेत है कि जंगल में हर पल परिस्थितियां बदलती रहती हैं और यह अनुमान लगाना मुश्किल होता है कि कब कौन शिकारी किस पर भारी पड़ जाए।बाघिन ‘शक्ति’ के इस साहसिक शिकार ने एक बार फिर रणथंभौर के जंगलों की जीवंतता और अनिश्चितता को सामने ला दिया है, जिसने पर्यटकों के लिए इस सफारी को अविस्मरणीय बना दिया।
Updated on:
05 Apr 2026 06:46 pm
Published on:
05 Apr 2026 05:57 pm
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