
भिलाई . भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मियों को फेस्टिवल एडवांस सुविधा शुरू नहीं की जाती है, तो यूनियन इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर संघर्ष करेगी। यह पत्र १० मार्च को सीटू ने बीएसपी के महाप्रबंधक कार्मिक को सौंपा था। इसके बाद आनन-फानन में संयंत्र प्रबंधन ने इसको लेकर परिपत्र जारी कर दिया है।
बंद पड़े फेस्टिवल एडवांस के शुरू हो जाने से बीएसपी के करीब २३,००० कार्मिकों को इसका लाभ मिलेगा। यूनियन ने दावा किया है कि फेस्टिवल एडवांस को लेकर अप्रुवल बुधवार को ही मिल चुका था। इसके बाद भी प्रबंधन ने इसे दबाकर रखा। यूनियन ने यह आशंका भी जताया कि खदान में हो रहे चुनाव में सीटू को इसका फायदा न मिल जाए, इसका प्रबंधन को डर था।
दो साल से बंद था त्योहार अग्रिम
2016 में भी प्रबंधन टालमटोल करता है। शीर्ष कार्मिक अधिकारी के बार-बार बदलने से भी यूनियन और प्रबंधन के बीच चर्चा किसी परिणाम तक नहीं पहुंच पा रही थी। सेल प्रबंधन ने दो साल पहले यह कहते हुए फेस्टिवल एडवांस बंद कर दिया था कि अभी वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। भिलाई के कर्मियों को भी प्रबंधन ने कहा कि संयंत्र सहित सेल की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और इसलिए प्रबंधन त्योहारों के लिए दिए जाने वाले अग्रिम (फेस्टिवल एडवांस) को देने की स्थिति में नहीं है।
प्रबंधन व यूनियन के बीच हुआ एग्रीमेंट
संयंत्र प्रबंधन और यूनियन के बीच 18 अप्रैल २०15 को ही लोकल एग्रीमेंट के तहत स्व प्रमाण पत्र पर एचपीएल परिवर्तित करने की सुविधा शुरू करने का समझौता हो चुका था। प्रबंधन कारपोरेट से अनुमोदन के नाम पर टालमटोल करता रहा। अंतत: यूनियन का दबाव बढऩे पर प्रबंधन ने 30 जून 2015 को स्व प्रमाणपत्र से एचपीएल (अर्ध वैतनिक अवकाश को पूर्ण वैतनिक अवकाश में परिवर्तित करने) की सुविधा से संबंधित परिपत्र जारी कर दिया।
फेस्टिवल एडवांस पर गुमराह
इस्पात श्रमिक मंच व छत्तीसगढ़ मजदूर संघ व भिलाई स्टील मजदूर सभा के कोशिश से फेस्टिवल एडवांस के मुद्दे पर औद्योगिक परिवाद भी लगा हुआ था जिसका निराकरण इसके नोटिफिकशन के साथ हो गया है। मंच के महासचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि सेल के अन्य यूनिटों में त्योहार अग्रिम जारी था सिर्फ फायदा कमाने वाली इकाई बीएसपी में यह सूविधा प्रबंधन बंद कर दी गई थी। जिसके बाद इस्पात श्रमिक मंच और छत्तीसगढ़ मजदूर संघ ने कर्मियों और प्रबंधन के बीच इस विषय को प्रभावी तरीके से उठाया था।
जिसके बाद यह सुविधा आखिरकार फिर शुरू हुई है। भिलाई स्टील मजदूर सभा के विनोद सोनी ने बताया कि उनकी यूनियन ने इस मामले सहित अन्य कटौती में परिवाद दायर किया हुआ था। सीटू इस मामले में मौन साधे बैठा था। सामूहिक प्रयास से यह मामला हल हुआ तो प्रबंधन पर चुनाव के बहाने राजनीति कर कर्मियों को गुमराह किया गया।
आश्वासन देकर टालता रहा प्रबंधन
सीटू ने प्रबंधन पर दबाव बना कर बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के स्वप्रमाण पत्र से एचपीएल (अर्धवैतनिक अवकाश को पूर्ण वैतनिक अवकाश में परिवर्तित करने) की सुविधा हासिल कर ली थी। प्रबंधन ने कर्मियों की दूसरी सुविधा कटौती की तैयारी चल रही थी।
प्रबंधन मार्च में अगले वित्त वर्ष के लिए त्योहार अग्रिम से संबंधित परिपत्र जारी कर देती थी, लेकिन 2015 में प्रबंधन यूनियन को आश्वासन देकर टालता रहा। प्रबंधन यह आश्वासन देता रहे कि स्वप्रमाणपत्र से एचपीएल पर यूनियन के साथ हुए समझौते से संबंधित परिपत्र जारी करने के बाद त्यौहार अग्रिम से संबंधित परिपत्र भी जारी किया जाएगा।
बीएसपी प्रबंधन से उठ रहा है कर्मियों का भरोसा
बीएसपी के कर्मियों ने प्रबंधन पर विश्वास करके कुछ नहीं कहा और सोचा कि अपनी मेहनत से एक दिन संयंत्र को उबार लेंगे और तब बंद की गई सुविधा को अधिकारपूर्वक प्रबंधन से मांग लेंगे। सीटू ने यह खुलासा किया कि किसी भी अन्य संयंत्र में यह सुविधा कभी बंद ही नहीं की गई है। बीएसपी प्रबंधन के इस व्यवहार से कर्मियों का प्रबंधन से भरोसा उठने लगा है।
आदर्श आचरण के विपरीत है प्रबंधन का व्यवहार
सीटू की सहायक महासचिव सविता कुमारी ने बताया कि सुरक्षा समिति गठन के मामले में सीटू ने प्रबंधन को सभी तरफ से घेरा, इसके बाद प्रबंधन किसी नए विवाद में और नहीं फंसना चाहता था। इसीलिए प्रबंधन ने आनन-फानन में यहां परिपत्र जारी किया।
Updated on:
17 Mar 2018 11:57 am
Published on:
17 Mar 2018 08:17 am
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