
Ayushman Card: अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड बनाने वाले ऑपरेटर तीन माह से आर्थिक संकट में हैं। फैमिली हेल्थ प्लान एवं इंश्योरेंस कंपनी (एफएचपीएल) ने टेंडर के जरिए इन कर्मचारियों को इस कार्य के लिए लगाया हुआ है। जिले के 40 सरकारी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड की सुविधा मरीजों को मिल रही है।
इन अस्पतालों के 40 (कि-ओस्क ऑपरेटर) व प्रदेश के 700 से अधिक ऑपरेटरों का वेतन तीन माह से वेतन रूका हुआ है। वे आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सभी शासकीय अस्पतालों में अपनी सेवा दे रहे है। इन कर्मचारियों का दिसंबर 2024 और जनवरी व फरवरी 2025 का वेतन रुका हुआ है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए प्रदेश में 700 व दुर्ग जिले में 40 ऑपरेटर कार्यरत है। इसके अनुसार जिले के 40 कर्मचारियों का तीन माह का वेतन 10 लाख 80 हजार रुपए व कुल 700 कर्मचारियों का 1 करोड़ 89 लाख रुपए वेतन अटका है। इससे ऑपरेटर आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं।
कलेक्टर से फरियाद
कर्मचारियों ने बताया कि पहले 5 माह से वेतन नहीं दिया गया था। कंपनी से कई बार वेतन की मांग की गई। फिर भी वेतन नहीं मिला तब कलेक्टर से इसकी शिकायत की गई। उसके बाद तीन माह का वेतन दिया गया। दो माह का वेतन रोक दिया गया है। अब फरवरी के वेतन को मिलाकर फिर तीन माह का बकाया हो गया है। कर्मचारियों ने कलेक्टर से बात की तो उन्होंने स्वास्थ संचालक से बात करने की बात कही थी। पर कर्मचारियों का समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
Updated on:
03 Mar 2025 12:01 pm
Published on:
03 Mar 2025 12:01 pm
