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अभिषेक मिश्रा हत्याकांड: 10 महीने बाद आई डीएनए रिपोर्ट, शव उसी का

गार्डन से खुदाई कर बरामद किया गया शव शंकरा गु्रप ऑफ कॉलेज के वाइस प्रेसीडेंट अभिषेक मिश्रा का ही है। यह खुलासा डीएनए रिपोर्ट में हुआ है।

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Abhishek Mishra murder case, Shankracharya goups of colleges

दुर्ग . स्मृति नगर स्थित कंबोज परिवार के निवास में बने किचन गार्डन से खुदाई कर बरामद किया गया शव शंकरा गु्रप ऑफ कॉलेज के वाइस प्रेसीडेंट अभिषेक मिश्रा का ही है। यह खुलासा डीएनए रिपोर्ट में हुआ है। 10 माह बाद आए डीएनए टेस्ट रिपोर्ट को पुलगांव पुलिस ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके अग्रवाल के कोर्ट में जमा कर दिया है।

शव अभिषेक का या नहीं इसका खुलासा करने डीएनए टेस्ट
बहुचर्चित अभिषेक मिश्रा हत्याकांड में शव अभिषेक मिश्रा का था या नहीं इस बात का खुलासा करने डीएनए टेस्ट कराया गया था। न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के समय शव से निकाले गए निकाले गए टिबीया बोन, बाल व नाखून को डीएनए टेस्ट के लिए भेजा था। टेस्ट के लिए अभिषेक मिश्रा की मां सरिता मिश्रा का ब्लड सैंपल लिया गया था। जांच के बाद रिपोर्ट में बताया गया है कि जो आर्टिकल टेस्ट के लिए भेजा गया था वह अभिषेक मिश्रा का ही है।

10 माह में आई रिपोर्ट
यह पहला प्रकरण है जब दुर्ग पुलिस रायपुर स्थित लैब में डीएनए टेस्ट कराया है। इसके पहले तक पुलिस डीएनए टेस्ट कराने के लिए चंडीगढ़ या फिर हैदराबाद जाती थी। डीएनए टेस्ट की सुविधा रायपुर फोरेसिंक लैब में शुरु होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने रायपुर से ही टेस्ट कराने का निर्णय लिया था। जांच के लिए आर्टिकल और ब्लड सैंपल को पुलिस ने ३१ जनवरी को रायपुर भेजा था।

इसलिए कराया गया डीएनए
शंकरा गु्रप ऑफ कॉलेज के वाइस प्रेसीडेंट अभिषेक मिश्रा की हत्या के बाद आरोपियों ने शव को स्मृति नगर स्थित एक मकान के किचन गार्डन में गड़ा दिया था। लगभग एक माह बाद पुलिस ने खुदाई के बाद शव को बाहर निकाला। शव पूरी तरह खराब हो चुका था। शव उत्खन्न के समय गवाह के रुप में घटना स्थल में मौजद लोगों ने न्यायालय में सुनवाई के दौरान बताया कि शव पूरी तरह खराब हो चुका था। उसमें से दुर्गंध उठ रही थी। चेहरे की चमड़ी गल चुकी थी। गवाहों के इस कथन के बाद प्रकरण के विशेष लोक अभियोजक सुरेश प्रसाद शर्मा ने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था कि वे अभिषेक का डीएनए टेस्ट कराना चाहते हैं।

मोबाइल से नहीं हुआ रिकवर
इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपी व मृतक के कुल पांच मोबाइल को जब्त कर जांच के लिए हैदराबाद भेजा था। पुलिस को अनुमान था कि मोबाइल से अभिषेक और किम्सी के बीच हुई बातचीत (मैसेज) या फोटो का रिकार्ड होगा, लेकिन जांच में पुलिस को सफलता नहीं मिली। मैसेज, फोटो व वीडियो डिलिट कर दिया गया था।