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BSP के ब्लास्ट फर्नेस में हॉट मेटल छलका, बीएसपी कर्मी सहित दो झुलसे, एक ही हालत गंभीर

भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-1 में टेपिंग के दौरान लेडल में भरते समय अचानक हॉट मेटल छलक गया जिससे मौके पर उपस्थित दो कर्मी बुरी तरह झुलस गए।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Aug 18, 2018

PATRIKA

BSP के ब्लास्ट फर्नेस में हॉट मेटल छलका, बीएसपी कर्मी सहित दो झुलसे, एक ही हालत गंभीर

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-1 में शुक्रवार को टेपिंग के दौरान लेडल में भरते समय अचानक हॉट मेटल छलक गया जिससे मौके पर उपस्थित दो कर्मी बुरी तरह झुलस गए। वहां काम कर रहे एफएफसीआर में पदस्थ इमैनुअल मिंज और ठेका श्रमिक रवि कुमार जांगडे के ऊपर आ गिरा।

80 फीसदी झुलस गया कर्मी
इस घटना में रवि 80 फीसदी झुलस गया है। पाली प्रभारी नशीने ने तुरंत उन्हें मेन मेडिकल पोस्ट पहुंचाया। जहां से उन्हें सेक्टर-9 अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों का बर्न यूनिट में उपचार किया जा रहा है। सूचना मिलनते ही सीटू की सुरक्षा समिति व विभागीय दल ने घटना स्थल का दौरा किया।

जांच में यह कारण आया सामने
जांच में पाया कि जिस लेडल में विस्फोट हुआ, वह फाउंड्री शॉप में भेजना था और इसलिए उसमें फेरो एलॉय डाला गया था। जांच दल के अनुभवी सदस्यों ने आशंका जताई कि फेरो एलॉय गीला होने की वजह से यह दुर्घटना घटी होगी।

इसके बाद तुरंत एलआरएस पहुंचकर जांच की, तो पाया कि फेरो एलॉय खुले में पड़ा है और बारिश की वजह से गीला हो गया है। गीले फेरो एलॉय में तरल मेटल पहुंचा, जिससे ब्लास्ट हुआ और यह घटना हुई। फेरो एलॉय को एलआरएस में लेडल तैयार होते समय ही डाला जाता है।

जांच कमेटी का गठन
महाप्रबंधक ने कहा कि स्लेग पोरिंग में ब्लास्ट तो हो जाता है, लेकिन मेटल पोरिंग में ऐसा हादसा कैसे हुआ यह समझ से परे है। इसके लिए जांच कमेटी प्रबंधन ने बनाई है। उन्होंने घायलों के साथ किसी व्यक्ति को सेक्टर-9 हास्पिटल ना भेजने पर आश्चर्य व्यक्त किया। इसे लापरवाही मानते हुए कहा कि ऐसा हुआ है, तो संबंधित अधिकारी को तलब किया जाएगा। पुन: ऐसी लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।

सीटू की विभागीय समिति जब जांच कर लौट रही थी, उसी समय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा केके द्विवेदी, महाप्रबंधक (सुरक्षा) टी पांड्याराज, उप महाप्रबंधक (सुरक्षा) वाईके श्रीवास्तव के साथ घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे। सीटू के जांच दल से भी उनकी राय पूछी। इसी दौरान कुछ कर्मियों ने उन्हें आधा किलो मीटर दूर स्थित एलआरएस में खुले में पड़ं फेरो एलॉय की गीली बोरियों के बारे में जानकारी दी।

प्रबंधन ने लापरवाही की
उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा कके द्विवेदी ने बताया कि लेडल में टेपिंग से पहले गीला फेरो सिलिकॉन डाल दिया था। जिसकी वजह से ब्लास्ट हुआ। प्रबंधन ने लापरवाही बरती है, उसे गीले फेरो सिलिकॉन को लेडल में नहीं डालना था।