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Mahadev Illegal Betting App: भिलाई से पटना तक फैला महादेव ऐप का नेटवर्क बेनकाब, नाबालिग समेत 3 गिरफ्तार, 5 करोड़ के ट्रांजेक्शन मिले

Mahadev App: दुर्ग पुलिस ने बिहार के पटना में महादेव ऐप के बड़े ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। भिलाई कनेक्शन वाले इस रैकेट में नाबालिग समेत 3 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
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भिलाई

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Love Sonkar

Aug 01, 2026

Mahadev Betting App

महादेव ऐप मामले में नाबालिग समेत 3 गिरफ्तार (Photo Patrika)

Mahadev App: दुर्ग पुलिस ने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए बिहार की राजधानी पटना में संचालित पैनल पर कार्रवाई की है। बिहार पुलिस के सहयोग से की गई इस कार्रवाई मे एक नाबालिग समेत तीन ऑपरेटर गिरफ्तार किए गए हैं। जांच में करीब पांच करोड़ रुपए के वित्तीय लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। हालांकि, पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने कैंप-2 अहमद नगर निवासी आफताब अहमद, गौसिया मस्जिद क्षेत्र निवासी दानिश खान और एक नाबालिग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(3), 318(4), 319 तथा छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम-2022 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है।

म्यूल खातों की जांच से मिला सुराग

एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि ऑनलाइन सट्टे में इस्तेमाल हो रहे म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान पुलिस को पटना में संचालित इस पैनल की जानकारी मिली। इसके बाद एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर बिहार भेजी गई। टीम ने पटना के नारायण प्लाजा अपार्टमेंट को घेरकर दबिश दी, जहां से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से 14 मोबाइल फोन, 14 एटीएम कार्ड, 11 बैंक पासबुक तथा ऑनलाइन सट्टा संचालन में उपयोग होने वाले अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

भिलाई से जाकर बनाया था सेटअप

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई से जाकर पटना में किराए का अपार्टमेंट लिया था और वहीं से महादेव ऐप का पैनल संचालित कर रहे थे। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल डेटा, बैंक खातों के विश्लेषण और डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस इस ठिकाने तक पहुंची। अब मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच से नेटवर्क के मुख्य पैनलिस्ट और अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।

रोजाना लाखों का अवैध कारोबार

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के लोगों को जोडक़र सट्टा खिलाते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार गिरोह प्रतिदिन 12 से 15 लाख रुपए तक का अवैध कारोबार कर रहा था। अब तक करीब 5 करोड़ रुपए के लेनदेन के दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य पुलिस को मिल चुके हैं।

ऑनलाइन गेम के नाम पर चल रहा था सट्टा

गिरोह लूडो, कैसीनो, एविएटर, फुटबॉल बेटिंग समेत कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आईडी उपलब्ध कराकर लोगों से दांव लगवाता था। हार-जीत की राशि का लेनदेन नेट बैंकिंग, यूपीआई और म्यूल बैंक खातों के माध्यम से किया जाता था। जांच से पता चला है कि आरोपी लगातार बैंक खाते बदलकर डिजिटल ट्रांजेक्शन को छिपाने की कोशिश करते थे, ताकि एजेंसियों की नजर से बच सकें।

मुख्य सरगना की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी केवल ऑपरेटर हैं। नेटवर्क का मुख्य संचालक व अन्य सहयोगी फरार हैं। जब्त मोबाइल फोन, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा के विश्लेषण के आधार पर पुलिस जल्द गिरोह तक पहुंचने का दावा कर रही है।

ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में चल रहा था सट्टा

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह लूडो, कैसीनो, एविएटर, फुटबॉल बेटिंग समेत कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आईडी उपलब्ध कराकर लोगों से दांव लगवाता था। हार-जीत की रकम का लेनदेन नेट बैंकिंग, यूपीआई और म्यूल बैंक खातों के जरिए किया जाता था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी एजेंसियों से बचने के लिए लगातार बैंक खाते बदलते रहते थे और डिजिटल ट्रांजेक्शन को छिपाने के लिए अलग-अलग खातों का इस्तेमाल करते थे।

रोजाना 12 से 15 लाख रुपए का अवैध कारोबार

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के लोगों को जोड़कर सट्टा खिलाते थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह गिरोह प्रतिदिन 12 से 15 लाख रुपए तक का अवैध कारोबार कर रहा था। पुलिस को अब तक करीब 5 करोड़ रुपए के डिजिटल और दस्तावेजी लेनदेन के प्रमाण मिल चुके हैं। आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर यह रकम और भी अधिक हो सकती है।