
बीएसपी का स्टॉक यार्ड रेल पटरी से अटा, रेल नहीं दे पा रहा मांग के मुताबिक रेक
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टॉक यार्ड में प्राइम, रेल पटरी बड़ी तादात में एकत्र हो चुकी है। जिसके कारण यहां जाम के हालात हैं। नए उत्पादन को रखने में दिक्कत हो रही है। बीएसपी तेजी से रेल पटरी का उत्पादन इस वजह से कर रही है, क्योंकि भारतीय रेल को सेल प्रबंधन वादे के मुताबिक रेल पटरी का समय पर आपूर्ति करना चाहते हैं. बीएसपी के यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) व रेल स्ट्रक्चर मिल (आरएसएम) में रेल पटरी का उत्पादन किया जाता है। यहां से फिनिश्ड रेल पटरी को शिपिंग एरिया में रखा जाता है। जहां से रेक में लादा जाता है।
स्टॉक में 750 नग रेल पटरी
भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टॉक यार्ड में 750 नग रेल पटरी डिस्पेच करने के लिए रखी हुई है। यहां हालात ऐसे हैं कि रेल पटरी और रखने जगह तक नहीं बाकी है। जिसकी वजह से प्रबंधन के सामने दिक्कत खड़ी हो गई है।
एक रेक में जाता है 60 नग रेल पटरी
बीएसपी में तैयार होने वाले लांग्स रेल पटरी के 58 से 60 नग रेल पटरी को लेकर एक रेक जाती है। इस तरह से करीब 8 रेक की जरूरत है। रायपुर रेल मंडल की ओर से बीएसपी को हर दिन 2 रेक भी नियमित तौर पर नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण लगातार रेल पटरी एकत्र होते जा रही है।
50 रेक है रायपुर रेल मंडल में
लांग्स रेल पटरी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लेकर जाने के लिए रेल मंडल, रायपुर के पास महज 50 रेक है। बीएसपी की डिमांड करीब 70 रेक है। बीएसपी को भारतीय रेल से और 20 रेक की जरूरत है। इसकी कमी का असर बड़े पैमाने पर रेल स्टॉक यार्ड में देखने को मिल रही है। माह में 70 रेक मिले तो बीएसपी आसानी से टारगेट को पूरा कर लेगा।
सेल वादा को पूरा करने में जुटा
भारतीय रेल ने सेल से 17 लाख टन रेल पटरी की डिमांड की थी। सेल ने भारतीय रेल से वादा किया है कि वित्त वर्ष 2019-20 में कम से कम वह 13.5 लाख टन रेल पटरी की आपूर्ति की जाएगी। इस टारगेट को पूरा करने में प्रबंधन पूरी ताकत से जुटा है।
Published on:
09 Feb 2020 11:41 am
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