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देवरानी को दी जातिगत गाली अब जेठानी जाएगी जेल, क्या है पूरा माजरा यहां पढि़ए

न्यायालय ने पीडि़त महिला योगिता की जेठानी संतराबाड़ी निवासी मीना अग्रवाल व उसके बेटे साकेत अग्रवाल को 6 माह कारावास की सजा सुनाई।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Jun 02, 2018

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देवरानी को दी जातिगत गाली अब जेठानी जाएगी जेल, क्या है पूरा माजरा यहां पढि़ए

दुर्ग . विवाह के बाद घर आई देवरानी को जातिगत गाली गौलज क र अपमानित करने के मामले में विशेष न्यायाधीश मंसूर अहमद के न्यायालय में शुक्रवार को फैसला सुनाया। न्यायालय ने पीडि़त महिला योगिता की जेठानी संतराबाड़ी निवासी मीना अग्रवाल व उसके बेटे साकेत अग्रवाल को 6 माह कारावास की सजा सुनाई। साथ पर 500-500 रुपए का जुर्माना लगाया।

कई बार हुआ था विवाद
जुर्माने नहीं भरने पर मां बेटे को 5-5 दिनों की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। प्रकरण के मुताबिक योगिता विवाह के बाद पति संजय अग्रवाल के पैतृक आवास में रहने के लिए आई। मकान के ग्राउंड फ्लोर में रहने वाली मीना अग्रवाल उसे देखकर आए दिन जातिगत गलौच कर अमानित करती थी। कई बार विवाद भी हुआ।

एसपी से की थी पीडि़ता ने शिकायत
मीना अग्रवाल का बेटा भी मां का साथ देता था। योगिता ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने जेठानी और जेठ बेटा के खिलाफ न्यायालय में परिवाद पेश किया। उन्होंने न्यायालय को बताया कि वह दूसरी जाति की है, इसलिए उसकी जेठानी उसे अपमानित करती है।

पुलिस ने शिकायत पर नहीं की कार्रवाई
महिला ने बताया कि उसका विवाह संजय के साथ 10 अक्टूबर 2013 को हुआ था। विवाह के बाद से उसे प्रताडि़त किया जा रहा था। प्रताडऩा से त्रस्त होकर उसने एसपी ऑफिस में 8 मई 2014 शिकायत की थी। शिकायत पर पुलिस ने कुछ नहीं किया।

भुगतान में घोटाला सरपंच, सचिव सहित इंजीनियर
पर होगी कार्रवाई
दुर्ग फर्जी मस्टर रोल के सहारे मनरेगा की राशि में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। मामला धमधा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोडिय़ा का है। मामले के खुलासे के बाद संबंधित सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक व इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कोडिय़ा से सगनी रोड पर मनरेगा के काम में घालमेल की शिकायत जनपद सदस्य भूपेश साहू ने की थी।

इस पर धमधा जनपद सीईओ द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच में 14 से 20 दिसंबर 2015 का मस्टर रोल गायब पाया गया। इसके अलावा 24 से 30 जून के फर्जी मस्टर को बदलकर दूसरा तैयार करने, मजदूरों के बैंक भुगतान में काट-छांट, एक ही व्यक्ति को मेट रखकर भुगतान करने का मामला सामने आया। जांच में पंचायत से माप पुस्तिका भी गायब पाया गया।