
Diwali Bonus: भिलाई इस्पात संयंत्र में काम कर रहे ठेका श्रमिकों को त्योहार से पहले समानजनक बोनस ( Diwali Bonus ) का भुगतान किया जाना है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आईआर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को ही बोनस को लेकर सर्कुलर जारी किया है। ठेकेदारों से चर्चा कर पूजा से पहले ठेका श्रमिकों के खातों में बोनस पहुंच जाए। यह प्रयास भी किया जाएगा। इसके साथ-साथ हर विभाग के ऑपरेटिंग अथॉरिटी की जिमेदारी होगी कि वहां के हर ठेका श्रमिक के खातों में बोनस ठेका एजेंसी ने डाला या नहीं।
Diwali Bonus: सर्कुलर में प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि समय सीमा के भीतर बोनस का भुगतान नहीं( Diwali Bonus Payment) किया जाता है, तब यह वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके लिए संविदा की शर्तों के तहत प्रतिकूल कार्रवाई के परिधि में आ जाएगा। बोनस के लिए प्रबंधन ने सभी प्रमुख नियोक्ता, ठेका प्रचालन अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) महाप्रबंधक से कहा है कि वे अपने विभागों में कार्यरत सभी ठेकेदारों से उक्त संवैधानिक प्रावधानों का पालन तय करें।
भिलाई स्टील प्लांट में नियमित कर्मचारी उत्पादन से जुड़े जिन कामों को अंजाम दे रहे हैं। अब धीरे-धीरे उन कार्यों को ही ठेका श्रमिक करने लगे हैं। स्थाई नेचर का काम ठेका मजदूरों से लिया जा रहा है। ऐसे में नियमित कर्मियों के तर्ज पर ही उनको सारी सुविधा दिया जाना है। ऐसे में बोनस को लेकर किसी तरह से भेदभाव किया जाना भी गलत है। नियमित कर्मियों को त्योहार से पहले बोनस का भुगतान किया जाता है, तो ठेका श्रमिकों को भी त्योहार पूर्व बोनस दिया जाना है।
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बोनस का भुगतान ( Diwali Bonus Payment ) पात्र ठेका श्रमिकों, जो कि किसी ठेकेदार के प्रतिष्ठान में वित्त वर्ष के दौरान 30 दिनों तक कार्यरत थे, उनको 30 नवंबर 2024 तक बोनस का भुगतान करना है। वहीं प्रबंधन ने ठेकेदार और एजेंसियों को यह भी कहा है कि गोवर्धन पूजा व दीपावली को ध्यान में रखते हुए सलाह दी जाती है कि 14 अक्टूबर 24 तक पात्र ठेका श्रमिकों को बोनस दिया जाए।
बीएसपी में कुछ बड़ी एजेंसी को छोड़ दें, तो शेष अपने मजदूरों को 3 से 5 हजार रुपए ही बोनस के नाम पर भुगतान करती है। इस तरह से मजदूरों को साल में एक बार उनके अधिकार का बोनस तक नहीं दिया जाता है। प्रबंधन अगर इस तरह के मामले में ठेकेदार पर कार्रवाई करे और शेष ठेकेदारों की बैठक कर स्पष्ट कर दे, तो हर मजदूर के खातों में बोनस की रकम पहुंच जाए। जांच का विषय है कि ठेकेदार भुगतान के नाम पर फर्जी दस्तावेज तो जमा नहीं करते।
बीएसपी में ठेका श्रमिक यूनियन बोनस को लेकर मांग करती रहती है। पिछले साल एक यूनियन ने दावा किया था कि बोनस का पूरा भुगतान नहीं करने वालों व धांधली करने वाले ठेकेदारों को दस्तावेज के आधार पर शिकायत की जाएगी। ठेकेदारों के नाम की लिस्ट सूची तैयार कर दस्तावेज के साथ विजलेंस व अन्य अधिकारियों, विभागों में सौंपी जाएगी। ऐसे प्रयास किए जाएं, तो ठेका एजेंसी और जिमेदारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई प्रबंधन करे।
भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने ठेका श्रमिकों को बोनस देने के संबंध में एक सर्कुलर शुक्रवार को जारी किया। सर्कुलर का विषय 2023-24 का बोनस वितरण ही है। प्रबंधन ने सभी ठेका एजेंसी को निर्देश दिया है कि सभी श्रम कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। वैधानिक दायित्वों का पालन करना संविदा अनुबंध का अभिन्न अंग है। बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत बोनस वितरण भी एक वैधानिक दायित्व है।
अकुशल श्रमिक ₹10,900 अर्धकुशल श्रमिक ₹11,550 कुशल श्रमिक ₹12,330 अतिकुशल श्रमिक ₹13,110
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Updated on:
15 Sep 2024, 3:40 PM IST
Published on:
15 Sep 2024, 1:33 PM IST
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