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दल्लीराजहरा व नंदिनी खदान में एटक और हिर्री माइंस में सीटू ने किया कब्जा

भिलाई इस्पात संयंत्र की तीनों खदान में शुक्रवार शाम 5 बजे के बाद मतगणना स्थल पर कर्मियों का जमावड़ा लगा रहा।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Mar 17, 2018

Counting votes bsp sail Mines

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र की तीनों खदान में शुक्रवार शाम 5 बजे के बाद मतगणना स्थल पर कर्मियों का जमावड़ा लगा रहा। दल्ली, राजहरा, नंदिनी व हिर्री में मतदान समय पर सुबह 6 बजे से शुरू हो गए। यूनियन नेताओं ने खुद ही मतदान स्थल पर कैमरा या मोबाइल लेकर जाने से रोक लगा दी थी। तीनों ही माइंस के मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया।

पहली बार में ही सीटू को सफलता

हिर्री में सीटू ने एक साल पहले ही यूनियन का गठन किया था। प्रतिनिधि यूनियन का चुनाव लड़े और बड़ी जीत हासिल की। हिर्री में सीटू को 68 वोट मिले। एसकेएमएस (एटक) को 28 व केएमएस (बीएमएस) को १७ वोट मिले। हिर्री में जीत के बाद सीटू ने गाजे-बाजे के साथ एक बड़ी रैली निकाली।

हिर्री में 100 फीसदी मतदान

भिलाई इस्पात संयंत्र के हिर्री खदान में प्रतिनिधि यूनियन के लिए गुरुवार की सुबह ६ बजे से मतदान शुरू हुआ। यहां कुल ११३ मतदाता हैं, जिसमें सबसे पहले मतदान करने वालों में पवन कुमार वर्मा थे। दोपहर ३.३० बजे तक १०० फीसदी मतदान हो गया। हिर्री में कर्मचारियों ने अपने मतों का इस्तेमाल पूरी तरह से कर जागरूकता का परिचय दिया।

नंदिनी में एटक को बड़ी जीत

नंदिनी में प्रतिनिधि यूनियन इंटक को एसकेएमएस (एटक) ने चुनाव में हरा दिया। एसकेएमएस को 131 वोट मिले। इंटक को 52 व केएमएस को 7 वोट मिले हैं। यहां 198 कुल मतदाता थे, जिसमें से 190 ने मतदान में हिस्सा लिया। नंदिनी के परिणाम पर कर्मियों के साथ-साथ प्रबंधन की भी नजर थी।

दल्ली व राजहरा में 90 फीसदी मतदान

दल्ली व राजहरा के तीन बूथ में मतदान हुआ। हल्की बारिश के बीच धीरे-धीरे माइंस के कर्मचारी आ रहे थे। बावजूद इसके ४ बजे तक ९० फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया। राजहरा खदान में बूथ क्रमांक-1 में कुल ५६८ मतदाता थे, जिसमें से ५४१ ने मतदान में हिस्सा लिया। बूथ क्रमांक-२ में कुल २७९ मतदाता थे, जिसमें से २५७ ने मतदान किया। दल्ली में कुल ६३२ मतदाता हैं, जिसमें से ५९४ ने मतदान किया। दल्ली राजहरा में कुल मतदाता १४७९ हैं। जिसमें से १३९२ ने मतदान किया।

छह यूनियन थीं चुनाव मैदान में

भिलाई स्टील प्लांट के दल्लीराजहरा खदान में मान्यता प्राप्त यूनियन के लिए 6 यूनियन चुनावी मैदान में थी। माइंस कर्मियों के प्रबंधन के साथ समझौता करने का अधिकार पाने के लिए सभी यूनियन अपनी अपनी तैयारियों में जुटे रहे। इन यूनियनों में छत्तीसगढ़ माइंस वर्कर्स यूनियन इंटक पहली बार चुनावी मैदान में है जो कि मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन से अलग हुआ है।

इससे पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन के लिए वर्ष 2015 में हुए चुनाव में सीटू ने चुनाव जीतकर दो वर्षीय कार्यकाल पूरा किया। जिसकी अवधि जुलाई 2017 में समाप्त हो चुकी थी। जबकि उसके पूर्व विगत 25 वर्षों से लगातार चुनाव जीतकर संयुक्त खदान मजदूर संघ- एसकेएमएस-एटक मान्यता प्राप्त यूनियन रही थी। दल्ली यंत्रीकृत खदान में एक व एमव्हीटी सेेंटर में दो बूथ बनाए गए। मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर विभिन्न श्रमिक यूनियनों द्वारा अपना अपना पंडाल लगाया गया था जहां वे कर्मचारियों से अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे थे।

हेडक्वाटर में पड़े मात्र १४ मत

हेड क्वाटर में १६ वोट थे, जिसमें से १३ राजहरा का और ३ नंदिनी का था। नंदिनी का तीनों वोट एसकेएमएस को मिला राजहरा के लिए १३ में ११ ने मतदान किया। जिसमें सीटू को ४ व एसकेएमएस को ४ मत मिले। एमएमडब्यूयू को २ व बीएमएस को १ मत मिला।