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यात्रियों से भरी दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का इंजन हुआ डिरेल, जांच में हुआ ऐसा खुलासा सकते में आए रेलवे के अधिकारी

28 अगस्त को दुर्ग से यात्रियों को लेकर बिलासपुर पहुंची दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के इंजन बदलने के दौरान इंजन डिरेल होने पर के बाद हुई जांच के दौरान खामी का पता चला है।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Sep 02, 2021

यात्रियों से भरी दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का इंजन हुआ डिरेल, जांच में हुआ ऐसा खुलासा सकते में आए रेलवे के अधिकारी

यात्रियों से भरी दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का इंजन हुआ डिरेल, जांच में हुआ ऐसा खुलासा सकते में आए रेलवे के अधिकारी

भिलाई. दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (Sampark kanti express) के इंजन के पहियों के बीच की दूरी में बड़ी खामी पाई गई है। 28 अगस्त को दुर्ग से यात्रियों को लेकर बिलासपुर पहुंची दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के इंजन बदलने के दौरान इंजन डिरेल होने पर के बाद हुई जांच के दौरान खामी का पता चला है। 28 अगस्त को शाम के समय दुर्ग-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन में लगे इंजन नंबर 30591 डब्ल्यूएपी-7 बीआईए को रेलवे कर्मचारियों ने ट्रेन की बोगियों से अलग किया। इसके बाद ड्राइवर इंजन को ट्रेन के दूसरे छोर पर जोडऩे के लिए लेकर जा रहा था। तभी हावड़ा एंड पर इंजन डिरेल हो गया।

इसी बड़ी चूक का हुआ जांच में खुलासा
सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचकर बेपटरी हुए इंजन को पटरी पर लाया था। इंजन के डिरेल होने के बाद अधिकारियों का जांच दल गठित किया गया था। जांच में यह बात सामने आई कि इंजन भिलाई शेड से ट्रेन में लगाया गया था। यात्री ट्रेनों के इंजन में 3 एक्सल में 6 पहिए होते हैं इन पहियों के बीच की दूरी ढाई एमएम से अधिक नहीं होनी चाहिए, लेकिन भिलाई शेड से आए इंजन में पहियों के बीच की दूरी 3.4 एमएम थी। यह सबसे बड़ी चूक है।

हो सकता था बड़ा हादसा
डिरेल हुआ इंजन दुर्ग से बिलासपुर स्टेशन तक यात्रियों को लेकर पहुंचा था। इस बीच इंजन के पहियों के बीच अपर्याप्त दूरी के कारण रास्ते में ट्रैक पर कहीं भी बड़ा हादसा हो सकता था। बिलासपुर में यदि इंजन डिरेल नहीं हुआ होता तो इसी इंजन को ट्रेन के दूसरे छोर पर लगाकर रवाना कर दिया जाता। ऐसे में बिलासपुर से हजरत निजामुद्दीन के बीच कहीं भी ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती।