
राजनांदगांव. हत्या के बाद कार्रवाई से बचने, खुद की मौत का झूठा समाचार गांव में फैलाने और लोगों को यकीन दिलाने पूरे परिवार का मुंडन बाद मृत्यु भोज कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या के आरोपी को मध्यप्रदेश के उमरिया से गिरफ्तार किया है। मामले में साक्ष्य छुपाने और पुलिस को गुमराह करने वाला आरोपी का पिता, भाई और जीजा फरार है। मामले की तह तक पुलिस मौके पर मिले एक आधार कार्ड और मोबाइल के आईएमईआई नंबर के जरिए पहुंची।
14 जुलाई 2017 को पुलिस को एक व्यक्ति की लाश मिली थी
राजनांदगांव जिले के खडग़ांव थाना क्षेत्र के कहडबरी गांव में 14 जुलाई 2017 को पुलिस को मोटर साइकल मेकेनिक प्रवीण बैरागी के घर में एक व्यक्ति की लाश मिली थी। लाश का सिर बुरी तरह कुचल दिया गया था और उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस को प्रारंभिक तौर पर जानकारी मिली थी कि भानुप्रतापपुर के लिए बस नहीं मिलने के कारण रात रूकने दो व्यक्तियों ने प्रवीण से आग्रह किया था। प्रवीण ने एक व्यक्ति का आधार कार्ड लेकर उनको रूकने दे दिया था। दूसरे दिन सुबह प्रवीण ने देखा कि कमरे में एक की क्षत-विक्षत लाश पड़ी है और दूसरा गायब है। मौके पर पुलिस को मोबाइल की एक रसीद मिली जिसमें ईएमईआई नंबर लिखा हुआ था। साथ ही प्रवीण ने आधार कार्ड दिया।
ऐसे शुरू हुई विवेचना
आधार कार्ड मध्यप्रदेश के उमरिया के रहने वाले अरूण कुमार का था। पुलिस में उमरिया के संबंधित थाने में मृतक की फोटो और आधार कार्ड की छाया प्रति भेजकर तस्दीक कराई। इस पर अरूण कुमार के परिजनों ने शव की पहचान अरूण कुमार के रूप में की और शव लेने आने की बात की। इसके बाद पुलिस उसके परिजनों का इंतजार करती रही लेकिन परिजन नहीं आए और उन्होंने अपना मोबाइल भी बंद कर दिया।
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Published on:
18 Feb 2018 03:33 pm
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