इसी तरह पहले फेल और पुनर्मूल्यांकन के बाद एक विषय में पूरक आने वालों का आंकड़ा 78 पहुंच गया है। इन आंकड़ों में 212 छात्र ऐसे हैं, जिनको पहले सप्लीमेंट्री दी गई, पर पुनर्मूल्यांकन के नतीजे आए तो अंकों का गणित बदल गया। 212 छात्र पास हो गए। इस एक परीक्षा में ही 205 विद्यार्थियों की जांच में पहले लापरवाही बरती गई थी। इसका खुलासा पुनर्मूल्यांकन ही कर रही है। दरअसलन, 205 छात्र ऐसे हैं, जिनकी उत्तरपुस्तिका दोबारा जांचने से अंकों में 20 फीसदी का वेरीएशन आया है। बीएससी के अलावा अन्य विषयों में भी ऐसे ही रिजल्ट चर्चा का विषय बने हुए हैं।