
भिलाई. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ए लोहानी रायपुर प्रवास पर आए थे, उनसे भिलाई मार्शलिंग यार्ड के श्रमिक नेता डी. विजय अन्य पदाधिकारियों के साथ मिले और रायपुर डिवीजन के कर्मियों की दिक्कतों को बताया। जिसमें ट्रैकमेन की स्थिति में सुधार करने, अन्य डिमार्टमेंट में ग्रेड पे 42000 सीनियर टेक्नीशियन के नाम से है, उसी प्रकार इंजीनियरिंग में भी होना चाहिए।
मजदूर कांगेस के प्रतिनिधियों ने चेयरमैन को बताया कि भिलाईमार्शलिंग यार्ड, चरोदा, भिलाई, दुर्ग के हजारों रेलवे कर्मियों के लिए बेहतर हॉस्पिटल की जरूरत है। इससे रेलवे के लोको पायलट, गेंगमेन, टेक्रिशियन, इलेक्ट्रीशियन, इंजीनियर को लाभ मिलेगा।
भिलाई में मार्सलिंग यार्ड सहित, लोको शेड, पीपी यार्ड, वेगन रिपेयरिंग सेंटर सहित रेलवे के कई विभाग हैं लेकिन अब तक भिलाई में रेलवे का सर्वसुविधायुक्त अस्पताल नहीं है।
चरोदा में रेलवे का प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र है जो कि यहां के कर्मचारियों की संख्या में हिसाब से कम है। वहां स्टॉफ की भी कमी है। कर्मचारी समय-समय पर दुर्ग भिलाई में एक सर्वसुविधायुक्त रेलवे अस्पताल की मांग की जाती रही है।
रेलवे बोर्ड के चेयरमेन ए लोहानी रायपुर पहुंचे तो मजदूर कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने मंडल समन्वयक डी. विजय कुमार के नेतृत्व में उनके सामने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त रेलवे अस्पताल बनवाने की मांग रख दी। कर्मचारियों के हित को देखते हुए चेयरमेन ने भी इसके लिए हामी भरी और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
बिलासपुर रनिंग रूम की स्थिति सुधारें
विजय ने चेयरमैन के सामने एक अहम मांग यह की गई कि बिलासपुर में बने रनिंग रूम की व्यवस्था को सुधारा जाए। दुर्ग भिलाई से जाने वाले रनिंग स्टॉफ को बिलासपुर के रनिंग रूम में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गर्मियों में वहां ठीक से कूलर की व्यवस्था नहीं होती।
एक रनिंग स्टॉफ को वहां पर कम से कम चार से 8 घंटे तक अपने अगले शेड्यूल का इंतजार करना होता है। प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से बीडी प्रसाद, राजेन्द्र सिंह, आरके धिवर, श्रीनिवास राव, एनवी सुरेश कुमार शामिल रहे।
Updated on:
09 Jan 2018 04:06 pm
Published on:
09 Jan 2018 04:06 pm
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