
Health Alert : डेंगू के कई खतनाक वेरिएंट वायरस सक्रिय की संभावना ! मच्छरों से बनके रखें दूरी
भिलाई . जिले में मिल रहे डेंगू के मरीजों में 90 फीसदी टाउनशिप से मिल रहे हैं। अब तक साफ नहीं हुआ है कि डेंगू का कौन वेरिएंट सक्रिय है। इसे जानने के लिए, पॉजिटिव मरीज का सैंपल, आईसीएमआर जबलपुर भेजना होगा।
2018 में सैंपल भेजा गया था, तब वैरिएंट के सक्रिय होने का पता चला था। वर्ष 2018 में जिले में पदस्थ रहे जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.एसके मंडल वर्तमान में धमतरी जिले के सीएमएचओ हैं।
पत्रिका ने उनसे बात की। हर दिन औसतन 3 नए मिल रहे हैं। इसमें अब ट्रैव्हल हिस्ट्री भी नहीं है। डेंगू के अब तक 123 पॉजिटिव केस मिले हैं। वहीं 6 सस्पेक्टेड का सैंपल पहुंचा है। एलाइजा जांच सोमवार को किया जाएगा।
सवाल: दुर्ग जिले में इस वक्त डेंगू का कौन सा वेरिएंट सक्रिय है।
जवाब: यह जानने के लिए पॉजिटिव मरीज के सैंपल को आईसीएमआर जबलपुर भेजना होगा। तब साफ होगा कि कौन सा वेरिएंट सक्रिय है।
सवाल: 2018 में कौन सा वेरिएंट सक्रिय था।
जवाब: 2018 में आईसीएमआर, जबलपुर के लिए पॉजिटिव मरीज का सैंपल भेजा गया था। वहां से रिपोर्ट में बताए थे कि डी-2 व डी-3 का कॉम्बिनेशन वेरिएंट है। वह बेहद घातक होता है। उसमें मौत बहुत होती है।
सवाल: टाउनशिप के एक या दो सेक्टर से मिल रहे अधिक मरीज, क्या कदम उठाने की जरूरत है।
जवाब: टाउनशिप के सेक्टर-2 में अधिक मरीज मिल रहे हैं। उसे कंटेनमेंट जोन घोषित करना चाहिए। इसके बाद सघन अभियान छेड़ते हुए काम करना होगा।
सवाल: डेंगू तेजी से फैलने की वजह।
जवाब: डेंगू के मच्छर को अंडे से उड़ने तक में 28 दिन लगता है। उसके पंख आने के बाद, उसे कंट्रोल करना बहुत मुश्किल है।
सवाल: किस तरह से चलाएं अभियान।
जवाब: डेंगू से सभी को मिलकर लड़ना होगा। एक दूसरे की खामियां निकालने का वक्त नहीं है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है। पैर में दिन के वक्त काटता है। स्रोत को तलाशना होगा। घरों के छत तक जाकर जायजा लेना होगा।
Published on:
28 Aug 2023 07:51 pm
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