
भिलाई. पालक के अलावा जिला एवं पुलिस प्रशासन की ओर से बिगड़े बच्चों को सुधारने के लिए बाल सुधार गृह भेजा जाता है। वहीं पर कई बच्चे सुधर जाते हैं तो कई बच्चे और बिगड़ जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां बच्चा सुधरने के बाद और नए-नए तरीके से चोरी के वारदात को अंजाम दे रहा था। इस बार वह इलेक्ट्रानिक्स आयटम के अलावा अंडर गारमेंट्स पर हाथ साफ कर दिया था।
चोरी और नकबजनी के मामले में सुधार गृह में बंद नाबालिग सुधरा नहीं
चोरी और नकबजनी के मामले में सुधार गृह में बंद नाबालिग सुधरा नहीं। वहां से खिड़की की सरिया को मोड़कर भाग निकला। फिर नेवई क्षेत्र में नकबजनी के मामले में पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने अपचारी बालक की चौकाने वाली करतूतों का खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि यह अपचारी बालक एक रात में लगातार वारदात को अंजाम देते हुए घर के अंदर से जूते, चप्पल, जिंस पैंट और अंडर वियर तक उड़ा लेता था। आरोपी बालक चोरी का मोबाइल बेचने के फिराक में था तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ धारा 380 के तहत जुर्म दर्ज किया है।
जूता, चप्पल, जिंस पैंट और अंडरवियर तक पार कर देता था
नेवई थाना प्रभारी विनय सिंह ने बताया कि उसने रिसाली प्रगति नगर निवासी अमृता चक्रवर्ती के घर से 13 नवम्बर की रात खिड़की से लकड़ी के सहारे बंद दरवाजे की सिटकिनी खोलकर 4 नग विभिन्न कंपनी के मोबाइल पार कर लिया था। चार माह पहले रिसाली अवधपुरी के सुने मकान में कुछ नहीं मिला तो उसने घर में आग लगा दी थी। इसके अलावा एक घर में से एक लाख २५ हजार रुपए की चोरी की थी। अपचारी बालक ने पुलिस को बताया कि वह एक दिन में चोरी की कई वारदात को अंजाम देता था। जिस घर में जो हाथ लगता चोरी कर लेता था। मोबाइल, जूता, चप्पल, जिंस पैंट और अंडरवियर तक पार कर देता था।
Published on:
26 Nov 2017, 10:59 PM IST
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