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इस परिवार ने शादी आशीर्वाद समारोह में भर दिया नेत्रदान का संकल्प पत्र, पढ़ें खबर

गायत्री मंदिर पुलगांव के संस्थापक स्व. हरिशंकर उजाला के दोनों पुत्रों रघुनंदन और प्रभुदयाल ने सपरिवार नेत्रदान की घोषणा की है।

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दुर्ग . गायत्री मंदिर पुलगांव के संस्थापक स्व. हरिशंकर उजाला के दोनों पुत्रों रघुनंदन और प्रभुदयाल ने सपरिवार नेत्रदान की घोषणा की है। यह संकल्प घर में उन्होंने नई बहुओं के आगमन पर लिया। खास बात यह है कि दोनों नई बहुओं ने भी नेत्रदान का संकल्प लिया। रघुनंदन ने पुत्र कन्हैया और प्रभुदयाल ने पुत्र हेमंत का विवाह एकसाथ किया। कन्हैया का विवाह पल्लवी के साथ और हेमंत का वीणा के साथ हुआ। दोनों बहुओं घर आते ही उजाला परिवार के १२ सदस्यों ने नेत्रदान का संकल्प लिया। सभी ने संकल्प पत्र भरकर दृष्टि फाउंडेशन के कुलवंत सिंह भाटिया, राज आढ़तिया और वीरेन्द्र पाली को सौंपा।

पूरे परिवार के सदस्यों ने नेत्रदान करने का संकल्प पत्र भरा

पूजा सामाग्री, भगवान की मूर्ति और धार्मिक किताबों का विक्रय केन्द्र ज्ञान गंगा के संचालक परिवार ने यह काम एक दिसंबर को किया। विवाह के बाद पंचवटी मैरिज पैलेस में आशीर्वाद समारोह में पूरे परिवार के सदस्यों ने नेत्रदान करने का संकल्प पत्र भरा।

नेत्रदान का संकल्प लेने वाले परिवार के सदस्य
रघुनंदन उजाला व उसकी पत्नी माया उजाला, पुत्र कन्हैया और पुत्रवधु पल्लवी, पुत्र कुशल, दिशंात, रघुनंदन के भाई प्रभूदयाल उनकी पत्नी कांता, पुत्र हेमंत, पुत्रवधू वीणा, शुभम, साकेत ने नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा। दृष्टी फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि उजाला परिवार के संकल्प पत्र को सोमवार को जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में जमा किया जाएगा।

नेत्रदान का दिया संदेश
उजाला परिवार ने विवाह सामारोह में रिश्तेदारों व मेहमानों को मिठाई व शगुन भेंट किए। मिठाई के डिब्बे में नेत्रदान महादान का स्लोगन विशेष तौर पर प्रिंट कराया था। विवाह के निमंत्रण पत्र में भी अंगदान-महादान का संदेश लिखा था। उन्होंने कहा कि इस संदेश पर कुछ लोग भी अमल करते हैं तो वे अपने प्रयास को सफल मानेंगे।

मात-पिता से मिला ऐसा संस्कार
माता-पिता के संस्कार और प्रेरणा से मेरे परिवार ने नेत्रदान का संकल्प लिया। समाज के लिए इसे मेरे परिवार का छोटा सा योगदान मान सकते हैं। हमारी आखों से किसी जरुरतमंद के नेत्र को ज्योति मिलेगी तो उनके जीवन में उजाला आएगा।