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पत्रिका से मेरिट की खबर सुनी और उछल पड़ी यशस्वी, पिता की तरह बनना चाहती है शिक्षक

हायर सेकंडरी की प्रावीण्य सूची में पांचवे स्थान पर रहने वाली यशस्वी वर्मा को पता ही नहीं था कि वह प्रदेश की टॉप टेन की सूची में है।
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 9 May 2018, 12:39 PM IST

CG 12th Topper

भिलाई. हायर सेकंडरी की प्रावीण्य सूची में पांचवे स्थान पर रहने वाली यशस्वी वर्मा को सुबह सवा 11 बजे तक पता ही नहीं था कि वह प्रदेश की टॉप टेन की सूची में है। पत्रिका से जब उसने सुना कि वह प्रदेश में पांचवे स्थान पर है तो उसे सहसा विश्वास ही नहीं हुआ। उसने चार बार पूछा क्या आप सही बोल रहे हैं? पाटन के आयावर्त हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा यशस्वी वर्मा (ग्राम फंूडा निवासी) ने मैथ्स ग्रुप से 12 वीं की परीक्षा दी थी। उसने 482 अंक हासिल कर 96 .40 प्रतिशत अंक लेकर मेरिट में पांचवा स्थान बनाया। शिक्षक पिता की इस बेटी ने दसवीं की परीक्षा 92 प्रतिशत लेकर उर्तीण की थी पर उसे 12 वीं में जरा भी उम्मीद नहीं थी कि वह इस स्थान तक पहुंच पाएगी। क्योंकि परीक्षा के वक्त उसकी तबीयत भी काफी खराब हो गई थी। पिता संतोष वर्मा ने कहा कि बेटी ने नाम रोशन कर दिया। उन्हें गर्व है कि वह दो बेटी के पिता है।

पैरेंट्स ने किया मोटिवेट
उसने पढ़ाई में उसका मन नहीं लग रहा था, लेकिन मां सुमन वर्मा और पिता संतोष वर्मा ने काफी मोटिवेट किया। उसने बताया कि उसे उम्मीद थी कि उसे 85 प्रतिशत से ज्यादा अंक मिलेंगे पर 96 प्रतिशत तक पहुंचेगी यह सोचा भी नहीं था।

शिक्षक बनना चाहती है
यशस्वी पिता की तरह शिक्षक बनना चाहती है। उसे अंग्रेजी और केमेस्ट्री में 97-97 और मैथ्स, फिजिक्स व हिन्दी में 96 - 96 अंक मिले हैं।

12वीं का परिणाम 77 फीसदी
स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने सबसे पहले 12वीं का रिजल्ट घोषित किया। 12वीं का परिणाम 77 फीसदी रहा। 12वीं के रिजल्ट में फिर एक बार बाजी मारी। 12वीं के रिजल्ट में 79.40 लड़कियां उत्तीर्ण हुईं, जबकि लड़क 74.45 प्रतिशत उत्तीर्ण हुए।

10वीं का परिणाम 68 फीसदी
इसके बाद स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने 10वीं का रिजल्ट घोषित किया। 10वीं में भी लड़कियों ने बाजी मारी। इस वर्ष 10वीं का परिणाम 68.04 फीसदी रहा। जिसमें 69.40 प्रतिशत लड़कियां उत्तीर्ण रहीं। जबकि 66.42 लड़के उत्तीर्ण हुए।