
बालोद. नगर में हुई ट्रेन हादसे में दर्जन भर से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना के बाद लोगों की भीड़ रेलवे स्टेशन पर लग गई। जहां एनडीआरएफ व रेलवे का सुरक्षा दल बोगी में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने जूट गए। इसे लोग समझ नहीं पा रहे थे कि हादसा कहां हुआ और ये घायल कहां से लाए जा रहे हैं, लेकिन कुछ देर बाद लोगों को रहत महसूस हुई जब रेलवे के अधिकारी ने लोगों को बताया कि यहां पर कोई हादसा नहीं हुआ है, बल्कि यह रेलवे व एनडीआरएफ़ द्वारा किसी भी तरह की ट्रेन दुर्घटना की स्थिति में आम लोगों को रहत पहुंचाने रेलवे प्रशासन आम लोगों की मदद से घायलों को कैसे मदद पहुंचा सकती है इसका अभ्यास किया जा रहा था।
रेलवे कंट्रोल रूम से वायरलेस पर मिली सूचना
एनडीआरएफ असिस्टेंट कमांडेट सीएस पटेल ने बताया सुबह रेलवे कंट्रोल रूम के माध्यम से उन्हें वायरलेस से जानकरी मिली कि बालोद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन दुर्घटना हुई है, जिसमें कुछ लोगों के फंसे होने की जानकरी दी गई। उसके बाद रेलवे स्टेशन पहुंचकर रेश्क्यु करते हुए बोगी में फंसे करीब 13 लोगों को बहार निकाला, वहीं कमांडेंट ने बताया हम लोग इस माक ड्रिल के माध्यम से स्थानीय लोगों को भी बताया कि अचानक होने वाली दुर्घटना में सबसे पहले स्थानीय लोगों की भूमिका होती है। अभियान में स्काउट-गाइड के बच्चों की भी मदद ली गई।
यात्रियों की जान बचाने किए अभ्यास
रेलवे के असिटेंट डीआरएम अरविन्द मेश्राम ने बताया ज्यादातर देखा गया है कि जब कोई बड़ा एक्सिडेंट होता है तो ऐसे हादसे में हमें क्या करना चाहिए? व्यवस्थित तरीके से लोगों की जान कैसे बचाई जा सकती है जिसको लेकर इस माक ड्रिल को किया गया
हेलीकाफ्टर की मदद आपातकाल में
रेलवे के सीनियर डीसीएम ने बताया ज्यादातर हादसे एकांत जगहों पर होती है ऐसी स्थिति में जब वहां पर एनडीआरएफ की टीम नहीं पहुंच पाती तो उस वक्त रेल प्रशासन पीडि़तों को कैसे मदद करेगी? सीनियर डीसीएम ने बताया नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स बहुत शहरों में स्थापित है लेकिन छग में सबसे नजदीक का जो टीम है वह कटक ओडि़सा में जहां से उन्हें बुलाया जाता है। आपातकाल स्थिति में इन्हें हेलीकाफ्टर चाप्टर विमान से भी बुलाया जाता है। ।
Published on:
17 Nov 2017 10:42 am
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