
41 million accounts sent to DICGC in bhilwara
भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा महिला अरबन को-ऑपरेटिव बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) की सब्सीडियरी इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआइसीजीसी) को 26 हजार 947 खातेदारों का प्रारम्भिक हिसाब इ-मेल के माध्यम से भेजा है। खाताधारकों को एक-एक लाख रुपए के आधार पर लगभग 41 करोड़ रुपए देने है। उधर, बैंक में लगे मुख्यकार्यकारी अधिकारी मदनलाल शर्मा को ऋण की सख्ती से वसूली करने के मामले में यहां से हटाकर पुन: सवाईमाधोपुर लगा दिया है। ऐसे में खाताधारकों को समय रहते राशि मिल पाएगी यह कहना थोड़ा मुश्किल होगा। वसूली के मामले में शुक्रवार को होने वाली नीलामी प्रक्रिया पर न्यायालय ने स्थगन दिया है।
डीआइसीजीसी ने गत दिनों बैंक से खातों व उनमें जमा राशि तथा एक-एक लाख रुपए देने पर कितनी राशि की जरूरत होगी का हिसाब मांगा था। बैंक ने गुरुवार को इ-मेल के माध्यम से सूचना भेजी है। इसमें २६ हजार ९४७ खातेदार है। जिनको ६०.४२ करोड़ रुपए लौटाने है। इसके लिए एक-एक लाख रुपए के आधार पर ४१ करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। डीआइसीजीसी को इस राशि का क्लेम करने के लिए खाताधारकों से केवाईसी ली जा रही है।
ऋण वसूली का मामला मंत्री तक
बैंक में २५.१० करोड़ रुपए के ऋण घोटाले की वसूली के लिए सरकार ने केन्द्रीय सहकारी बैंक सवाईमाधोपुर में अधिशासी अधिकारी के पद पर कार्यरत मदनलाल शर्मा को महिला अरबन बैंक में गत ६ अगस्त को तबादाला आदेश जारी कर लगाया था। शर्मा ने ८ अगस्त को कार्यभार संभाला। ऋणियों से सख्ती से राशि वसूल करने की कार्रवाई शुरू की। ऋणियों में दो मंत्रियों तक अपनी बात को पहुंचाकर दबाव बनाया। तथा मंत्रियों ने वसूली कार्रवाई रोकने के मौखिक आदेश दिए। फिर भी वसूली कार्रवाई जारी रखने तथा मकान की कुर्की करने के आदेश देने पर एक ऋणी ने जयपुर उच्चत्तम न्यायालय में शरण लेते हुए कहा कि उसे राशि जमा कराने का नोटिस नहीं मिला है। न्यायालय ने २१ दिन में बैंक में २ लाख रुपए जमा कराने के आदेश देते हुए नीलामी पर स्थगन आदेश दिए।
एसओजी तक पहुंचे सबूत
महिला बैंक के ऋण घोटाले के मामले जुड़े कुछ लोगों के नाम व उनसे जुड़े दस्तावेज एसओजी उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धान्त शर्मा के पास भेजे है। इसमें बैंक अधिकारी तथा वित्तिय सलाहकार का सीधे तौर पर इसमें शामिल होने के पुष्ता जानकारी २० सितम्बर को भेजे है। उधर सहकारी रजिस्ट्रार ने शर्मा का तबादला पुन: भूमि विकास बैंक सवाईमाधोपुर कर दिया है। शहर में शर्मा के तबादले को लेकर चर्चा है कि ऋण की वसूली नहीं इसलिए उनका तबादला कर दिया गया है।
छूट सीमा हटाने की मांग
ऋण वसूली के लिए लगे शर्मा का कहना है कि सरकार ने बैंक को एक मुश्त समझौता राशि योजना का लाभ देने के लिए योजना लागू की है। इसमें अधिकत्तम ब्याज में २ लाख रुपए तक की छूट का प्रावधान किया है। जबकि एक ही खाते में ब्याज राशि १५ से २० लाख रुपए तक हो रही है। ऐसे में खाताधारक योजना का लाभ नहीं ले पा रहे है। इस छूट सीमा २ लाख को हटाने के लिए रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है।
यह है मामला
आरबीआइ ने २३ अगस्त को बैंक का लाइसेन्स निरस्त करने के आदेश जयपुर आरबीआइ को दिए। २७ अगस्त को आरबीआइ ने लाइसेंस निरस्त के आदेश देते हुए ३१ अगस्त को बैंक सीईओ को हाथ में दिया। रजिस्ट्रार ने ४ सितम्बर को भीलवाड़ा उप रजिस्ट्रार पारसमल जैन को लिक्विडेटर लगाया। बैंक में लगे सीइओ मदनलाल शर्मा का २४ सितम्बर को आदेश जारी कर उन्हें सवाईमाधोपुर लगा दिया है। उनके स्थान पर लेखाधिकारी अरविन्द ओझा को लगाया है। ओझा पूर्व में प्रशासक व सीइओं के पद पर अतिरिक्त कार्य देख चुके है।
Published on:
28 Sept 2018 10:53 am
