
फोटो- पत्रिका नेटवर्क
Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा और जयपुर में एक के बाद एक हुए दो दुखद हादसों के बाद शाहपुरा (भीलवाड़ा) के फूलिया कला गांव में मातम पसरा है। पहले बुजुर्ग की अस्थि विसर्जन करके हरिद्वार से आ रहे परिवार का जयपुर के शिवदासपुरा में 14 सितंबर को एक्सीडेंट हो गया। इसमें एक ही परिवार के चार लोगों सहित सात की मौत हो गई। बता दें, सात दिनों में एक परिवार की चार पीढ़ियां खत्म हो गईं।
इसके बाद, भीलवाड़ा के शाहपुरा में परिवार के चार लोगों के अंतिम संस्कार के बाद नदी में नहाने गए सात युवक डूब गए, जिनमें से दो की मौत हो गई और एक लापता है। इनमें से चार युवकों को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जिनका इलाज जारी है।
बताते चलें कि 14 सितंबर की सुबह करीब 5:15 बजे जयपुर के शिवदासपुरा इलाके में रिंग रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। भीलवाड़ा के फूलिया कला गांव के अशोक वैष्णव (47), उनकी पत्नी सीमा देवी (45), बेटा रोहित (23) और पोता गजराज (6) सहित जयपुर के वाटिका सांगानेर निवासी रामराज वैष्णव (38), उनकी पत्नी मधु (36) और उनका 14 महीने का बेटा रुद्र इस हादसे का शिकार हुए। ये सभी अशोक के पिता गोपाल वैष्णव की अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार गए थे और शनिवार देर रात जयपुर लौट रहे थे।
पुलिस के अनुसार कार ओवरस्पीड होने के कारण बेकाबू होकर रिंग रोड पर डिवाइडर से टकराई और 16 फीट नीचे अंडरपास में भरे पानी में जा गिरी। रविवार दोपहर स्थानीय लोगों ने उलटी पड़ी कार को देखकर पुलिस को सूचना दी। क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया, जिसमें सात लोगों के शव मिले। इस हादसे के बाद फूलिया कला गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे के बाद सोमवार सुबह 6:30 बजे चारों शव फूलिया कला गांव पहुंचे। गांव में मातम का माहौल था। सुबह 7:30 बजे धनेश्वर रोड स्थित श्मशान घाट में अशोक, सीमा, रोहित और गजराज का अंतिम संस्कार किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण इस अंतिम यात्रा में शामिल हुए। अंतिम संस्कार के बाद परंपरा के अनुसार कई लोग खारी नदी के एनिकट में नहाने गए।
इसी दौरान सात युवक विजय प्रताप सिंह (30), मुकेश गोस्वामी (25), महेंद्र माली (25), बरदी चंद (34), महेश (35), राकेश (28) और जीवराज (30) गहरे पानी में डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और राकेश, जीवराज, विजय प्रताप और मुकेश को बाहर निकाला गया।
इन्हें फूलिया कला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। महेंद्र माली और बरदी चंद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महेश अब भी लापता है। उसकी तलाश में स्थानीय प्रशासन और गोताखोर जुटे हैं।
बता दें, फूलिया कला गांव में इन मौतों के बाद मातम पसरा है। एक सप्ताह पहले अशोक वैष्णव के पिता गोपाल वैष्णव का निधन हुआ था। उनके अस्थि विसर्जन के लिए परिवार हरिद्वार गया था, लेकिन लौटते समय हुए हादसे ने अशोक, उनकी पत्नी, बेटे और पोते को छीन लिया। ग्रामीणों के अनुसार, सात दिनों में परिवार की चार पीढ़ियां खत्म हो गईं।
अशोक धनेश्वर मंदिर में पूजा का काम करते थे, जबकि उनका बेटा रोहित गांव में किराना दुकान पर काम करता था। रोहित के तीन बच्चों में से गजराज की इस हादसे में मौत हो गई, जबकि उसकी जुड़वां बहन और छोटा भाई जीवित हैं। अशोक का बड़ा बेटा पंकज खेती और टैक्सी चलाने का काम करता है, अब परिवार का इकलौता सहारा बचा है। इन हादसों के बाद गांव का माहौल अभी भी गमगीन है।
Updated on:
15 Sep 2025, 1:19 PM IST
Published on:
15 Sep 2025, 1:19 PM IST
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