
पारोली थाना पुलिस को वेतन में कटौती के नाम पर मैस का बहिष्कार कर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करना भारी पड़ गया।
पारोली।
थाना पुलिस को वेतन में कटौती के नाम पर मैस का बहिष्कार कर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करना भारी पड़ गया। पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को थानाप्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं विरोध प्रदर्शन कर रहे सिपाहियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक प्रदीपमोहन शर्मा ने बताया कि सरकार ने वेतन में किसी तरह की कटौती नहीं की। किसी इस तरह की अफवाह उड़ा दी। आधी-अधूरी जानकारी पर पारोली थाने के सिपाहियों ने मैस का बहिष्कार कर दिया। यहीं नहीं काली पट्टी बांध कर विरोध किया। राजस्थान पत्रिका ने 16 अक्टूबर के अंक में खबर का प्रकाशन किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक शर्मा ने इसे गम्भीर लिया। इसे अनुशासन हीनता मानते हुए थानाप्रभारी नरोत्तमसिंह को लाइन हाजिर कर दिया। बहिष्कार कर रहे सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले की जांच शाहपुरा पुलिस उपाधीक्षक को सौपी गई है।
फिलहाल थाने पर किसी उपनिरीक्षक को प्रभारी नहीं लगाया है। गौरतलब है कि पुलिस मुख्यालय ने निर्देश जारी किए है कि इस तरह की आधारहीन बातों को लेकर विरोध करने पर सम्बंधित थानाप्रभारी जिम्मेदार होंगे। एेसा करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
छात्रा को खुदकुशी के लिए मजबूर करने का आरोपित गिरफ्तार
बिजौलियां थाना पुलिस ने छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप में युवक को गिरफ्तार किया। उसे अदालत में पेश करके जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार बिजौलियां निवासी मनोज रेगर को गिरफ्तार किया है। आरोपित कोटा में पॉलोटेकनिक कॉलेज में पढ़ता है। उसी कॉलेज में युवती भी पढ़ती थी। गत १४ अक्टूबर को युवती ने घर में फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। पिछले एक साल से वह शादी का झांसा दे रहा था। बाद में पलट गया। इससे क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या कर ली।
Published on:
16 Oct 2017 08:50 pm
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