
बनास नदी उफान पर (फोटो- पत्रिका)
गेंदलिया (भीलवाड़ा): मेवाड़ की जीवनदायिनी बनास नदी उफान पर है। पानी इतना बढ़ गया है कि जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। महेशपुरा-सोलंकियों का खेड़ा और पीपली ग्राम पंचायत मुख्यालय की पुलियाओं पर तीन दिन से पानी बह रहा है, जिससे मार्ग अवरुद्ध हैं। सोमवार को महेशपुरा पुलिया पर तीन फीट पानी बहा।
लगातार बारिश से जिले में खरीफ फसलें बर्बाद हो गई हैं। 3.73 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल, मूंगफली, सोयाबीन, कपास, ग्वार, मूंग, मोठ, उड़द और चंवला की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
खेतों में पानी भरने से सबसे ज्यादा खराबा मक्का और उड़द में हुआ, जिन खेतों में अगेती बुवाई हुई थी, वहां पौधे और फलियां पूरी तरह सड़ चुकी हैं। मूंग और चंवले के दाने नमी से दागिल या अंकुरित होकर खराब हो गए। कपास और मूंगफली भी प्रभावित हुई है।
किसानों का कहना है कि मेहनत और लागत पूरी तरह डूब गई। जिले के सभी उपखंड क्षेत्रों से नुकसान की रिपोर्ट आई है। अब तक 1.07 लाख हेक्टेयर फसल में खराबा दर्ज हुआ है। इनमें 56,800 हेक्टेयर में 30% से कम, 32,800 हेक्टेयर में 30-50%, 16,800 हेक्टेयर में 50-75% और 400 हेक्टेयर में 75-100% तक नुकसान हुआ है।
कांदा के किसान सुरेश जाट ने बताया कि बरसात ने पूरी फसल चौपट कर दी। सांखड़ा के रामचंद्र बोले, बाजरा, चंवला और मूंग पूरी तरह खराब हो गई। ग्वार में फाल ही नहीं आए। महिला किसान भंवरी देवी ने कहा, लावणी तो कर ली, लेकिन खलिहान में रखा बाजरा भीगकर खराब हो रहा है, मूंग गलकर सड़ गई।
उप मुख्यमंत्री व जिला प्रभारी मंत्री प्रेमचंद बैरवा रविवार को भीलवाड़ा दौरे पर रहे। उन्होंने जिला अधिकारियों की बैठक में प्रभावित किसानों को त्वरित सहायता देने के निर्देश दिए। साथ ही सड़कों की मरम्मत, पशु चारे की उपलब्धता और फसल खराबे की ऑनलाइन गिरदावरी जल्द पूरी कर मुआवजा प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजने को कहा।
Updated on:
08 Sept 2025 01:27 pm
Published on:
08 Sept 2025 01:26 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
