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मुसीबत बड़ी: भीलवाड़ा जिले में 179 स्कूलों पर ताले, 15 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों का भविष्य अधर में

- जर्जर भवनों के भौतिक सत्यापन में चौंकाने वाले आंकड़े - पहले 30 थे, फिर 76 हुए, अब बढ़कर 179 स्कूल बंद हो गए

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Big trouble: 179 schools in Bhilwara district are locked, future of more than 15 thousand students is in limbo

Big trouble: 179 schools in Bhilwara district are locked, future of more than 15 thousand students is in limbo

भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूल भवनों की स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था की जड़ें हिला दी हैं। पहले से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे सरकारी विद्यालयों के लिए अब जर्जर भवन बड़ी मुसीबत बनकर सामने आए हैं। इन भवनों का भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद जारी अंतिम रिपोर्ट ने चौकाया है। अब तक जहां 76 स्कूलों को बंद किए जाने की बात कही जा रही थी, वह अंतिम रिपोर्ट में बढ़कर संख्या 179 स्कूल पहुंच गई है। इन सभी के ताले लगा दिए गए हैं। ऐसे में इन स्कूलों में नामांकित 15,470 बच्चों का भविष्य अधर में है। हालांकि यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई अब अस्थायी जगहों पर चल रही है, लेकिन शिक्षकों के लिए यह नई चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है।

संयुक्त निदेशक अजमेर को सौंपी रिपोर्ट

झालावाड़ हादसे के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश के विद्यालयों में छुट्टियां घोषित कर भवनों का भौतिक सत्यापन कराया था। भीलवाड़ा जिले में पहले से ही 30 स्कूलों को जमींदोज करने की सूची तैयार थी, लेकिन कार्रवाई लंबित थी। प्रारंभिक सर्वे में 76 स्कूल जर्जर पाए गए, लेकिन कलक्टर जसमीत सिंह संधू तथा संयुक्त निदेशक अजमेर को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट में यह संख्या दोगुने से भी ज्यादा हो गई।

सत्यापन में उजागर हुई खतरनाक स्थितियां

जिले के 2808 स्कूलों के सर्वे के दौरान कई खतरनाक हालात सामने आए हैं। इनमें 309 विद्यालयों में अभी भी खुले और लटके हुए बिजली के तार, 59 विद्यालयों में खुले कुएं, जो बच्चों के लिए खतरा बने है। 116 विद्यालयों में खुले बोरवेल हैं। 427 विद्यालयों में केवल पानी की टंकी, लेकिन सुरक्षित पेयजल व्यवस्था नहीं है। इन खतरनाक परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अब समग्र शिक्षा विभाग के सहायक अभियंता से पुनः जांच करवाने का निर्णय लिया ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सकें।

ब्लॉकवार स्थिति-हर कोने में संकट

सर्वे में यह सामने आया कि संकट किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में है। जर्जर 179 स्कूल के 1126 कक्षा-कक्ष को गिराने की स्थिति में है। ब्लाॅक सुवाणा में 37, शाहपुरा 30, हुरड़ा 24, कोटड़ी 20, बनेड़ा 15, बिजौलिया 14, जहाजपुर 13, आसींद 9, मांडलगढ़ 8, रायपुर व सहाड़ा में 3-3, करेड़ा में 2 तथा मांडल में 1 विद्यालय जर्जर स्थिति में हैं।