
नगर परिषद सभापति ललिता समदानी ने भी इसे विशेष अभियान के रूप में ले रखा है। इसमें आठ हजार स्वच्छता एप डाउनलोड करने का लक्ष्य था, इसमें अब तक दस हजार से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं।
भीलवाड़ा।
शहर हमारा है और इसमें जिम्मेदारी हमारी भी है कि यह स्वच्छ बने और सुंदर बने। इसके लिए आमजन को आगे आकर भूमिका निभानी होगी। अभी जिला प्रशासन व नगर परिषद मिलकर स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी कर रहे हैं। इसमें राजस्थान पत्रिका भी अपने जन सरोकार के काम के तहत इसे शामिल करते हुए तय किया है कि शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप लाने का प्रयास हम मिलकर करेंगे। इसमें आमजन को जागरुक कर इस स्वच्छता की मुहिम से जोड़ा जाएगा।
जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल ने भी स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉपर रहने की विशेष योजना बनाई है। इसमें शहर के सामाजिक संगठनों को भी साथ लेकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई का अभियान चलेगा। इसमें जिस क्षेत्र में अच्छी सफाई होगा, उसे सम्मान भी दिया जाएगा। उधर, नगर परिषद सभापति ललिता समदानी ने भी इसे विशेष अभियान के रूप में ले रखा है। इसमें आठ हजार स्वच्छता एप डाउनलोड करने का लक्ष्य था, इसमें अब तक दस हजार से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं। इसमें सभापति समदानी ने कोचिंग संस्थानों के स्टूडेंट्स की मदद से भी स्वच्छता एप को डाउनलोड कराया।
क्या है स्वच्छता सर्वेक्षण
देश में स्वच्छता को लेकर एक प्रतियोगिता हो रही है। इसमें 4041 शहर हिस्सा ले रहे हैं। एक गाइडलाइन के अनुसार, चार हजार अंकों की शहरों में स्वच्छता की रैकिंग होगी। जिसके सबसे अधिक अंक आएंगे वह देश का नंबर वन स्वच्छ शहर घोषित किया जाएगा। भीलवाड़ा शहर को भी यह मौका मिला है।
ऐसे होगा सर्वेक्षण- कुल 4 हजार अंक
01. सेवा स्तर की प्रगति-इसमें 13 सवाल और अधिकतम 1400 अंक
कचरा संग्रहण और परिवहन - 30 प्रतिशत
कचरा निस्तारण और उपचार - 25 प्रतिशत
स्वच्छता या ओडीएफ - 30 प्रतिशत
व्यवहार परिवर्तन - 5 प्रतिशत
क्षमता निर्माण - 5 प्रतिशत
नवाचार -5 प्रतिशत
2 प्रत्यक्ष अवलोकन- 1200 अंक
क्या क्षेत्र साफ है
सार्वजनिक, सामुदायिक शौचालय की स्थिति
सब्जी, फल का प्राथमिक कचरा एकत्रीकरण
प्रमुख रेलवे स्टेशन
मुख्य बस स्टैंड
अपशिष्ट उपचार संयंत्र में एक होर्डिंग
3. नागरिक प्रतिक्रिया- 1400 अंक
क्या आप जानते हैं कि शहर स्वच्छ सर्वेक्षण में भाग ले रहा है।
क्या पिछले साल के मुकाबले आपका क्षेत्र साफ है।
इस साल क्या आपने सार्वजनिक क्षेत्रों में कूड़े के डिब्बे का उपयोग किया।
क्या आप इस वर्ष अपने घर से अलग-अलग कचरा एकत्र किए जाने की व्यवस्था से संतुष्ट है।
क्या आपको लगता है कि पिछले वर्ष के मुकाबले मूत्रालय, शौचालयों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। क्या इससे गंदगी कम हुई है?
Published on:
05 Jan 2018 12:28 pm
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