
Death of well made sea of Jlday Department in bhilwara
भीलवाड़ा।
आप जलदाय विभाग के परिसर में जाए तो जरा सावधान होकर। यहां चार मौत के कुएं है। विभाग को पता है कि यह हौद जानलेवा है, लेकिन यहां सुरक्षा की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। शहर के पांसल चौराहे के निकट जलदाय विभाग के इस हौद में पांच साल में 13 चिराग बुझ गए, लेकिन विभाग पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
पत्रिका टीम ने इस हौद का जायजा लिया। इसमें देखा कि यहां सुरक्षा में बनी चारदीवारी ही जगह-जगह से टूटी हुई और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं। कहने को सुरक्षाकर्मी है लेकिन केवल कागजों में। यहां आसपास की कॉलोनी में रहने वाले बच्चे और बड़े यहां नहाने आते हैं और इसी में डूबकर उनकी जिंदगी खत्म हो जाती है। इसके बावजूद भी उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है।
आबादी के बीच हौद, यह आते है काम
जलदाय विभाग का के अधिशाषी अभियंता कार्यालय परिसर में आबादी बस्ती के बीच हौद बने है। यहां परिसर में चार हौद है। जिनको विभागीय भाषा में डिग्गी बोला जाता है। मेजा बांध से आने वाला पानी इन्हीं हौद में एकत्र किया जाता है। उसके बाद हौद का पानी फिल्टर होने जाता है। चम्बल से पहले मेजा बांध ही शहर की जीवन रेखा थी। शहर की सप्लाई के लिए पानी की आवश्यकता होने से वहां करीब दस फीट गहरे हौद बनाए गए।
आखिर लापरवाही कहां हो रही
हौद के चारों ओर चारदीवारी बनी हुई है। यह चारदीवारी जगह-जगह से टूटी हुई है। इससे कोई भी टूटी हुई जगह से दीवार कूदकर अंदर जा सकता है। यहां चौकीदारी की कोई व्यवस्था नहीं है। चौकीदार नहीं होने से हौद में नहाने वालों को टोकने वाला कोई नहीं। यहां तक की शाम को दीवार कूदकर पियक्कड अंदर चले जाते है। वहां शराब पीते और कुछ लोग तो अत्यधिक शराब पीने के कारण अंदर गिर तक गए। अगले दिन उनका शव मिला।
विभाग चाहे तो हौद के चारों ओर कटीली झाडि़यां लगवा दे। इस पर करीब 10 से 15 लाख रुपए का खर्चा आएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार तक पहुंचाया जा सकता है। वहीं चारदीवारी की भी दुबारा से मरम्मत करवा कर उसे ऊंचा करवा दिया जाए, इससे कोई अंदर आसानी से प्रवेश नहीं कर सकता है। परिसर में ही दिनभर मवेशी विचरण करते रहते है।
जिम्मेदार कहते है जनता ही सुधरे
लापरवाही जैसी बात नहीं है। लोगों को भी सावचेत होना होगा। सुरक्षा में चारों ओर लगी दीवार भी जनता ने ही तोड़ी है। यह कोई नहाने की जगह नहीं है। फिर एक्सईएन को बोला है कि वह सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम करें।
प्रकाशचन्द्र गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग
Published on:
11 May 2018 02:57 pm
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