
House-to-house reduction in bhilwara
भीलवाड़ा।
मां की आराधना का पर्व नवरात्र बुधवार से शुरू हुआ। पहले दिन जहां मंदिरों में बड़ी संख्या में माता के भक्त पहुंचे। वहीं घरों में घट स्थापना की गई। मंदिरों में सुबह से विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई, जो ९ दिन चलेगी। मंदिर और घरों में घटस्थापना के साथ माता की जोत भी खड़ी की गई। जो पूरे नवरात्र तक अखंड जलेगी। शहर में कई जगह गरबे शुरू हुए। १९ अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।
नवरात्र के पहले दिन जोगणिया माता, आसीन्द के बंक्या रानी, धनोपमाता, जहाजपुर के घाटारानी मंदिर, बिजासन माता हरणी महादेव के चामुण्डामाता मंदिर, बाबाधाम मंदिर, दादीधाम, रोडवेज स्टैण्ड के चामुण्डा माता सहित अन्य माता के मंदिर पर भीड़ लग गई। बाजारों में मूर्ति खरीदारों की भीड़ रही। सुबह से लोग मूर्ति को ढोल नगाड़ों के साथ अपने स्थान ले जाते देखे गए। शाम को आरती के बाद डांडिया खेला गया। जोड़े नृत्य करते नजर आए।
बाबाधाम में नवरात्र में प्रतिदिन माता का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। प्रथम दिन 9.15 बजे घट स्थापना की गई। अध्यक्ष विनीत अग्रवाल ने बताया कि रोज सुबह सवा नौ बजे हवन-पूजन व आरती होगी। दिन में भजन व शाम को आरती होगी। शाम को गरबा होगा। इसमें रोज प्रथम, द्वितीय व तृतीय का चयन किया जाएगा।
कोली समाज ने सिद्धेश्वर महादेव मंदिर से रथयात्रा निकाली, जो कालिका माता मंदिर सांगानेर गेट वीरांगना झलकारी बाई सर्कल से अहिंसा सर्किल कोटा रोड होते मां जोगणिया धाम कुवाड़ा रोड पहुंची। संयोजक मुरली, सचिन, छोटू लाल, बालचंद, मोतीलाल, मोतीलाल उपस्थित थे।
जैन मुनि सुखलाल, मोहजीत कुमार के सान्निध्य में नवरात्र आध्यात्मिक पर्व का प्रथम दिवस पर अनुष्ठान किया। मुनि ने कहा कि यंत्र विधा का हिन्दू धर्म में ही नही मुसलमान धर्म में भी बड़ा महत्व है।
Published on:
10 Oct 2018 08:59 pm
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