
विशिष्ट न्यायालय (यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम मामलात) ने नाबालिग का अपहरण कर बंधक बनाकर रखने और दुष्कर्म करने के मामले में कांवाखेड़ा निवासी उम्मेदसिंह रावत को दोषी मानते बुधवार को सात साल की सजा सुनाई।
भीलवाड़ा।
विशिष्ट न्यायालय (यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम मामलात) ने नाबालिग का अपहरण कर बंधक बनाकर रखने और दुष्कर्म करने के मामले में कांवाखेड़ा निवासी उम्मेदसिंह रावत को दोषी मानते बुधवार को सात साल की सजा सुनाई। वहीं तीन हजार रुपए जुर्माने के आदेश दिए।
प्रकरण के अनुसार 1 अक्टूबर 2014 को युवती ने कोतवाली में मामला दर्ज कराया कि उसके पिता बाहर नौकरी करते है। वह 16 वर्षीय बहन और मां के साथ रहती है। 23 सितम्बर 2014 को अभियुक्त उम्मेदसिंह नाबालिग बहन का अपहरण कर ले गया। उसे गुजरात के गांधीधाम ले जाकर बंधक बनाकर रखा और दुष्कर्म किया। कोतवाली पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर पीडि़ता को मुक्त करवाया। अभियुक्त के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। विशिष्ट लोक अभियोजक महेशचन्द्र विश्नोई ने अभियुक्त के खिलाफ गवाह और दस्तावेज पेश कर आरोप सिद्ध किया।
नौ वर्षीय बालिका लापता, पुलिस जांच में जुटी
हमीरगढ. थाना क्षेत्र में एक नौ वर्षीय बालिका अपने घर से परिवार को बिना बताए कहीं निकल गई है। इस सम्बन्ध में बुधवार को उसके भाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी गजराज चौधरी ने बताया कि ग्रोथ सेन्टर स्थित एक कम्पनी में कार्यरत रतनलाल पुत्र गणपत लाल अजनार जाति भील निवासी जैतपुरा जिला धार मध्यप्रदेष हाल निवासी ग्रोथ सेन्टर स्वरूपगंज, हमीरगढ में एक कम्पनी में दोनों पति-पत्नी काम करते हैं। बालिका के भाई रतनलाल ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसकी 9 वर्षीय बहन सविता 12 अप्रेल 2018 को घर पर बिना बताये कहीं निकल गई है। रतनलाल ने रिश्तेदारों से भी पूछताछ की लेकिन बालिका के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने रतनलाल की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान व बालिका तलाश शुरू कर दी है।
Published on:
25 Apr 2018 10:42 pm

बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
