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कुकर्म के बाद बालक की हत्या, कातिल को उम्रकैद, तीस हजार जुर्माने के आदेश

कुकर्म के बाद सात साल के बालक की हत्या के मामले में आरोप‍ित को दोषी मानते हुए सुनाई सजा
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murder of child after Misdeed in bhilwara

murder of child after Misdeed in bhilwara

भीलवाड़ा ।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या दो सोनाली प्रशांत शर्मा ने सात साल पूर्व कुकर्म के बाद सात साल के बालक की हत्या के मामले में शनिवार को आरके कॉलोनी निवासी सुनील कुमार को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं तीस हजार रुपए जुर्माने के आदेश दिए।


प्रकरण के अनुसार 8 मार्च 2012 को रीको फोर्थ फेज में रहने वाला सात साल का बालक घर के बाहर खेल रहा था। फैक्ट्री में काम करने वाला उसका पडोसी सुनील शराब पीकर आया व टॉफी देने के बहाने क्वार्टर में ले गया। वहां बालक के हाथ-पैर बांधकर कुकर्म किया। पहचाने जाने के डर से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। गुदड़ी में शव को लपटकर क्वार्टर में ही गड्ढ़ा खोदकर उसमें रख दिया। इस बीच परिजनों ने बालक की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। प्रतापनगर थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। पड़ोसियों को सुनील के क्वार्टर से बदबू आई। अंदर जाकर देखा तो गड्ढ़े में शव मिला।

पुलिस ने कुकर्म और हत्या के आरोप में सुनील को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। न्यायाधीश ने फैसले में उल्लेख किया कि परिवार से बालक को तमाम उम्र के लिए महरूम कर दिया। निदोर्ष अबोध बालक की हत्या कर जघन्य अपराध किया। एेसे में उसके पति नरमी का रूख नहीं जा सकता। सम्पूर्ण समाज समाज पर पडऩे वाले प्रभाव को देखते हुए अभियुक्त को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाना आवश्यक है। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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