
new Agricultural college in bhilwara
भीलवाड़ा।
कृषि क्षेत्र में पढ़ाई की रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को अब निजी क्षेत्र में भी विकल्प मिल गए है। राजकीय कृषि महाविद्यालय के बाद अब संगम यूनिवर्सिटी ने भी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर शुरू किया है। संगम यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट प्रोफेसर केपी यादव ने बताया कि संगम यूनिवर्सिटी भीलवाड़ा में कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर शुरू किया है।
इसमें जिले के विद्यार्थी जो कृषि में स्कूली शिक्षा लेकर उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता था। अब यह सुविधा यहां पर मिलेगी। साथ ही चार वर्षीय बीएससी कृषि पाठ्यक्रम प्रारंभ किया है। एक वर्षीय रोजगरउन्मुखी डिप्लोमा, पादप संरक्षण एवं कीटनाशी प्रबंधन कार्यक्रम शुरू किया है। कीटनाशी व्यवसाय एवम वितरण से सम्बन्धित व्यापार के लिए सरकार की ओर से इस डिप्लोमा की अनिवार्यता है। अन्य छह माह के प्रमाण पत्र कोर्स जैसे एनिमल हैल्थ वर्कर मे भी प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हैं।
रजिस्ट्रार डॉ. ओपी गुप्ता ने बताया कि मेधावी, जरूरतमंद एवम खेल कूद में उत्कृष्ट स्टूडेंट्स के लिए विभिन्न ग्रेजुएशन प्रोग्राम्स में 90 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति का प्रावधान भी है।
पीएचडी में प्रवेश के लिए पंजीयन
प्रवेश प्रभारी डॉ राजीव महता ने बताया कि यूनिवर्सिटी में बीटेक, एमटेक, बीसीए, एमसी, एवमं डिप्लोमा, विज्ञान के बीएससी मैथ्स बायो, एमएससी, केमेस्ट्री आदि कोर्सेज में प्रवेश जारी है। रिसर्च मे रुचि रखने वाले पात्र पीएचडी में प्रवेश के लिए 20 जुलाई तक पंजीयन करा सकते हैं। प्रवेश परीक्षा 29 जुलाई को होगी।
छात्रों को बाल श्रम कानून की जानकारी दी
भीलवाड़ा. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भीमगंज बालिका विद्यालय में राजस्थान स्काउट गाइड के कला कौशल एवं अभिरुचि शिविर में विश्व बाल श्रम प्रतिषेद दिवस पर शिविर लगाया। इसमें बाल श्रम कानून की जानकारी दी गई। प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव मोहित शर्मा ने बताया कि रिटेनर अधिवक्ता मोहम्मद अली कायमखानी ने बालकों के विभिन्न अधिकारों व प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। शर्मा ने भी बाल श्रम कानून के साथ चाइल्ड हेल्प लाइन 1089 के बारे में बताया। सीओ स्काडट नरेन्द्र खोरवाल, सीओ गाइड ओम कुमारी चौहान, शिविर संचालक प्रेमशंकर जोशी, नोरती रेगर उपस्थित थे।
Published on:
13 Jun 2018 03:38 pm
