
No provision of fire extinguishers in bhilwara
भीलवाड़ा।
शहर में आवासीय व व्यावसायिक बहुमंजिला भवनों व ज्यादातर कॉम्पलेक्स में आग की रोकथाम को लेकर कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं मिले हैं। सूरत में हुए भीषण हादसे के बाद राजस्थान पत्रिका ने शुक्रवार को शहर का जायजा लिया। इसमें सामने आया कि न तो कई पुराने भवनों में आग बुझाने के यंत्र हैं और न ही नए बने कॉम्प्लेक्स में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाए हैं। कहीं फायर सिस्टम हैं, तो उनका नवीनीकरण नहीं होता है। बहुमंजिला भवन निर्माण की स्वीकृति में भी फायर सिस्टम व उसके नवीनीकरण की मुख्य शर्त है। शहर में छतों पर रेस्टोरेंट का चलन है। साथ ही कई कोचिंग संस्थान भी चल रहे हैं। इसके बावजूद खास इंतजाम नहीं हैं। कई तंग गलियों में मार्केट हैं, जहां आग लगने पर तत्काल काबू पाना नामुमकिन है।
दिखावे के सिस्टम
आजाद चौक, मुख्य बाजार आदि कई जगह बहुमंजिला भवन हैं, जिनमें से कुछ जगह फायर सिस्टम लगे हैं। भवन बनने के बाद एक भी बार इनका नवीनीकरण नहीं हो पाया। कई जगह फायर सिस्टम खराब हो गए हैं।
आग बुझाने तक सीमित अग्निशमन केन्द्र
नगर परिषद के अग्निशमन केन्द्र के सहायक अग्निशमन अधिकारी से लेकर कार्मिकों का कार्य सिर्फ आग लगने पर उसे बुझाने तक सीमित रह गया है। अग्नि सुरक्षा अधिनियम के तहत अग्निशमन अधिकारी का कार्य प्रत्येक बहुमंजिला भवनए बाजार में अग्निशमन यंत्र है या नहीं व उसकी वर्तमान स्थिति की जांच करना है। इसमें चूक होने पर संबंधित भवन मालिक को नोटिस जारी कर कार्रवाई करनी होती है। इसके बावजूद एेसी कार्रवाई नहीं की गई है।
सुरक्षा के 12 मानक जरूरी
अग्नि सुरक्षा अधिनियम 1987 के तहत प्रत्येक भवन के लिए 12 सुरक्षा मानक तय किए हैं, जो आवश्यक हैं। प्रवेश के साधन, भूमिगत व जल टंकियां, स्वचालित छिड़काव प्रणाली, चर्खी से लिपटा पाइप, अधिकृत अग्निशमन यंत्र, अलार्म सिस्टम, सार्वजनिक संबोधन व्यवस्था, निकासी मार्ग के संकेतक, विद्युत आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत, वैट राइजर डाउन कॉमर सिस्टम, फायरमैन स्विच सहित निकास मार्ग की सुविधा।
रास्ता खाली नहीं करा पाती है पुलिस
फायर सेफ्टी एक्ट के मुताबिक शहरी क्षेत्र में आग की सूचना मिलने के पांच मिनट के भीतर दमकल को घटनास्थल पर पहुंचना होता है, लेकिन शहर की सड़कों पर बेतरतीब यातायात की वजह से अमूनन बीस मिनट लग रहे हैं। दमकल को जाम से उलझते हुए गुजरना पड़ता है। चौराहों और प्रमुख सड़कों पर खड़ी ट्रैफिक पुलिस दमकल को देखकर भी रास्ता खाली नहीं करा पाती है।
Published on:
25 May 2019 06:12 am
