
एआई तस्वीर
जहाजपुर। राजस्थान सरकार ने जहाजपुर प्रधान सीता देवी गुर्जर को पांच साल तक पंचायती राज चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। यह निर्णय राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38 (1) (ख) एवं 38 (3) के तहत लिया गया है। अतिरिक्त आयुक्त एवं शासन उप सचिव (द्वितीय) त्रिलोकचंद मीना ने यह आदेश जारी किया।
सरकार के इन आदेशों से जहाजपुर में राजनीतिक हलचल फिर तेज हो गई है। आदेश में उल्लेख किया कि दिसम्बर 2020 से सीता देवी प्रधान हैं। वे करीब 48 माह से ज्यादा समय से पद पर रहीं। नियमों के मुताबिक पंचायत समिति की बैठक बुलाना, उनकी अध्यक्षता करना तथा उन्हें संचालित करने का उत्तरदायित्व पंचायत समिति प्रधान का होता है।
सीता देवी के कार्यकाल के दौरान महज छह बैठक हुईं। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के अनुसार पंचायत समिति में प्रति माह कम से कम एक सामान्य बैठक आयोजित होनी चाहिए। जबकि साधारण सभा की महज चार बैठक हुईं। इस संबंध में शिकायत के बाद सीता देवी ने अपना स्पष्टीकरण-जवाब प्रस्तुत नहीं किया।
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अतिरिक्त जिला कलक्टर, भीलवाड़ा ने प्रकरण में प्रेषित जांच रिपोर्ट अंतर्गत सीता देवी गुर्जर पर लगाए गए आरोपों को प्रमाणित माना था। इन सभी तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने निर्णय किया कि सीता देवी को प्रधान पद से तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। अगले पांच साल तक वे किसी भी पंचायती राज संस्था के चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगी। गौरतलब है कि गत दिनों निलंबन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद सरकार ने प्रधान सीता देवी को पुन: पदभार ग्रहण करने के आदेश जारी किए थे।
Updated on:
17 Nov 2025 09:35 pm
Published on:
17 Nov 2025 09:35 pm
