
फाइल फोटो- पत्रिका
भीलवाड़ा। प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन शिक्षा विभाग ने ऐन वक्त पर तबादलों की झड़ी लगा दी है। विभाग ने 'जंबो' सूची जारी करते हुए 6,521 व्याख्याताओं के तबादले कर दिए।
शनिवार सुबह सबसे पहले हिंदी के 1,644 व्याख्याताओं की सूची आई, जिसके बाद अन्य विषयों के तबादलों का दौर शुरू हुआ। हैरानी की बात यह है कि अभी और सूचियां आने की संभावना है। इस तबादला सूची में भीलवाड़ा के व्याख्याता भी शामिल हैं। संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन व्याख्याताओं के तबादले हुए हैं और वे बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षक के रूप में लगे हैं, उन्हें परीक्षा के बाद ही कार्यमुक्त किया जाए।
वर्तमान में 6 से 20 जनवरी तक प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाएं चल रही हैं। बीच सत्र में हुए इन तबादलों का सबसे ज्यादा असर इन्हीं परीक्षाओं पर पड़ेगा। परीक्षक बदलने और नए स्थान पर जॉइनिंग की कशमकश के बीच छात्रों का मूल्यांकन प्रभावित होना तय है।
राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेशाध्यक्ष नीरज शर्मा का कहना है कि बोर्ड परीक्षा में केवल एक महीना बचा है। सर्दी के कारण पढ़ाई पहले ही प्रभावित है, अब विषय अध्यापक ही बदल जाएंगे तो बच्चा मार्गदर्शन किससे लेगा? सरकार को यह फैसला ग्रीष्मकालीन अवकाश में लेना चाहिए था।
चर्चा यह भी है कि शिक्षा विभाग रविवार या सोमवार तक तृतीय श्रेणी शिक्षकों और अन्य कैडर की सूचियां भी जारी कर सकता है। यदि ऐसा हुआ तो प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह तबादला मोड में चली जाएगी, जिससे छात्र पूरी तरह उपेक्षित हो जाएंगे।
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शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार प्रदेश में 6,521 शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। इनमें हिंदी के 1,644, अंग्रेजी के 355, कॉमर्स के 91, इतिहास के 973, जीव विज्ञान के 345, रसायन विज्ञान के 332, गृह विज्ञान के 60, गणित के 104, कृषि के 74, भौतिक विज्ञान के 416, राजनीति विज्ञान के 909, संस्कृत के 208 तथा भूगोल, अर्थशास्त्र, उर्दू और शारीरिक शिक्षा के कुल 1,010 शिक्षक शामिल हैं।
Updated on:
10 Jan 2026 09:53 pm
Published on:
10 Jan 2026 07:23 pm
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