
rajasthan election, former Vice President Assembly shared memories
भीलवाड़ा.
1977 में देश में आपातकाल खत्म होने पर मैंने पार्टी से टिकट नहीं मांगा, लेकिन सहाड़ा से टिकट मिला। मैं ये चुनाव जीता। फिर तीन साल विधानसभा उपाध्यक्ष भी रहा। इस दौरान छह माह कार्यवाहक अध्यक्ष भी रहा। यह कहना है रामचन्द्र जाट (91) का।
रामचंद्र ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के 1977 में लगाए आपातकाल व उसके बाद हुए विधानसभा चुनाव से जुड़ी यादें पत्रिका के साथ बांटी। उन्होंने कहा कि मैंने तब टिकट के लिए इनकार किया, लेकिन कुम्भाराम आर्य व दौलतराम सारण ने सहाड़ा से टिकट दिलवा दिया। इसका कुछ लोगों ने विरोध भी किया। कहा-इन्हें कैसे टिकट मिल गया। इन्होंने तो कभी पार्टी के लिए काम नहीं किया।
जाट ने बताया, मैने चुनाव में कोई पैसा खर्च नहीं किया। तब लोगों के घर साइकिल पर जाता था, कुछ समर्थक भी साथ चलते थे। अब राजनीति पूरी तरह से बदल गई है। तब भ्रष्टाचार नहीं था। एकजुटता थी, लेकिन अब हर पार्टी में भ्रष्टाचार है। बिना पैसे कोई काम नहीं करता है। मैं तब में वकील था। गरीबों की मुफ्त में पैरवी करते थे। उन दिनों बनेड़ा के हेमेन्द्र सिंह व भीलवाड़ा के मूलचंद शर्मा मेरे करीबी थी।
उन्होंने कहा कि 1977 में इन्दिरा के खिलाफ विरोध की एेसी आंधी चली कि भीलवाड़ा जिले की सभी आठों विधानसभा सीट (तब हुरड़ा-बनेड़ा विधानसभा सीट थी) पर जनता पार्टी के प्रत्याशी जीते और कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। आपातकाल के दौरान भीलवाड़ा जिले के कई भाजपा नेता मीसा के तहत बंदी बनाए गए और कई माह जेल में रहे।
उन्होंने 1977, 1980 मंे सहाड़ा से चुनाव लड़ा। 80 का चुनाव नहीं जीत सके, लेकिन 1985 में हुरड़ा बनेड़ा से फिर जनता पार्टी से जीते।
रामचंद्र जाट बताते है कि जनता पार्टी की रीति व नीति उन्हें बाद में रास नहीं आई और 1990 में वो कांग्रेस में शामिल हो गए। वो जिला परिषद सदस्य जीते। इसके बाद कांग्रेस से जिला प्रमुख पद की दावेदारी भी की, लेकिन भाजपा के डॉ.रतनलाल जाट दो मत से जीत गए।
कुम्भाराम को सीएम बनाना चाहते थे
जाट बताते है कि 1977 में चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री बन। सब कुम्भाराम आर्य को राजस्थान का सीएम बनाने के लिए चरणसिंह से मिलें, लेकिन आर्य एक दिन पहले कांग्रेस में चलेे गए और वापस जनता पार्टी में आ भी गए, एेसे में चरण सिंह उनसे नाराज हो गए। यहां भैरोसिंह शेखावत का नाम सामने आया और हम सब उनके समर्थन में आ गए।
सात को दूंगा वोट
वो बोले में मतदान का कोई मौका नहीं छोड़ता हूं, सात दिसम्बर को भी वोट दूंगा, इसके लिए वे अपने पुत्र अशोक चौधरी के साथ मतदान केन्द्र पर पहुंचेंगे।
(जैसा पत्रिका संवाददाता नरेन्द्र वर्मा को बताया )
Published on:
25 Nov 2018 05:02 pm
