अमरगढ़। आजादी के सात दशक बाद भी कई गांव ऐसे हैं, जिन्हे आज भी विकास का इंतजार है। ऐसा ही मामला आदर्श ग्राम रहे बाकरा का है। यहां 7 गावों के बच्चे चार साल से टूटी नाव से स्कूल जाते हैं। बाग की झोपड़ियां, हर्षलों की झोपड़िया, बागरथल, भीमपुरा, केसरपुरा, मेलवा, उथरना गांव समेत कई ऐसे गांव हैं। इन्हें 12 महीने में से 9 माह नाव में बैठकर ग्राम पंचायत मुख्यालय आना जाना पड़ता है।