
अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य रामदयाल का गुरुवार को 69वां जन्म दिवस 26 सितंबर को विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में एक सवाल में अणभैवाणी में कितने शब्द व वाक्य है जिसके जवाब में 8000 वाक्य का संकलन व 28397 शब्दों का संकलन महाप्रभु रामचरण ने किया। बाद में इस अणभैवाणी ग्रन्थ को स्वामी निर्भयराम के प्रयासों से सही शब्दों के उच्चारण कर वापस इस ग्रंथ को बनाया गया। प्रश्नोत्तरी के सही जवाब देने वाले को आचार्यश्री ने पुरस्कार भी दिया। आचार्य श्री ने बताया रामस्नेही संप्रदाय की ओर से महिला शिक्षा पर जोर देते हुए बताया यहां ट्रस्ट की ओर से बीएड, एसटीसी कॉलेज व संस्कृत विद्यालय संचालित हो रहे हैं। उन्होंने नया बाजार स्थित राममेडिया को भी नए स्वरूप में सभा भवन बनाने की घोषणा की। कवि बंटी ऐसा राम धाम है हमारा जिस पर रामचरण महाराज की यह तपोभूमि है कविता प्रस्तुत की तथा कवि कैलाश मंडेला ने राम का धाम है दुनिया में सबसे प्यारा यह जो धरती है जहां पर रामचरण महाराज की चरण की रज है कविता गुरु जगमग करता तारा रे गुरु होवे नदी की धारा रे कविता प्रस्तुत की।
डॉ. शास्त्री ने कहा कि जन्मदिन तो भगवान का मनाया जाता है। मनुष्यों का नहीं। प्रवचन में कहा कि आप तो स्वामी रामचरण के प्रतिबिंब हो के ही यहां पर विराजमान हो। श्रद्धा, विश्वास, भक्ति, चातुर्मास के प्रसंग में एक सवाल पर भक्त राकेश सोमानी ने राम धाम के प्रति सच्ची श्रद्धा, विश्वास, भक्ति पर भजन भी प्रस्तुत किया। आचार्य रामदयाल ने मंगल कामना करते हुए बताया कि मेरा इस धरा पर छठवां चातुर्मास और मेरे 6 प्रकल्पों की घोषणा हैं। उसमें एक प्रकल्प का नाम वृद्धाश्रम नहीं बोलकर साधना सेवा आश्रम नाम भी दिया गया। मेरा इस धरती पर जिला बनने के बाद पहला चातुर्मास किया और यह जिला बना रहना चाहिए और समस्या का समाधान इस संसार में ही है। राज्य सरकार से यह अपेक्षा है कि यह शाहपुरा जिला बना रहे और इस पर किसी की भी नजर नहीं लगे । आप सभी सकारात्मक कार्य के साथ जिला बना रहे उसमें प्रयत्नशील रहे सफलता जरूर मिलेगी। भंडारी जगबल्लभ राम के सानिध्य में व श्रद्धा विश्वास भक्ति चातुर्मास के आयोजक बालूराम सोमानी ने गायों की सेवा की। जिला अस्पताल में फल वितरित किए। इस मौके पर सूर्यप्रकाश बिरला, कैलाश तोषनीवाल, महावीर जागेटिया, रामसहाय अग्रवाल, नारायण सिंह परिहार, दीनदयाल मारू, रामेश्वर लाल बसेर,राम प्रकाश सोनी,सतीश मौजूद रहे।
आचार्य श्री ने सभी को इसके लिए साधुवाद देते हुए उनके मंगल कामना की। भंडारी जगबल्लभ राम ने बताया कि आचार्य रामदयाल का भीलवाड़ा, गंगापुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, जयपुर, पुष्कर, नीमच, जावद, मन्दसौर, सोड़ा, बनेड़ा आदि गांवों में भी जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
Published on:
27 Sept 2024 04:03 pm
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