
Starting Telemedicine Service in bhilwara
भीलवाड़ा।
अपने शहर में विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श के लिए 10 माह पहले शुरू टेलीमेडिसिन सेवा कारगर साबित हो रही है। जिले के सबसे बड़े राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय में 111 मरीज इस सेवा का लाभ ले चुके हैं। वे बिना जाएं जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं ले रहे हैं। चिकित्सालय के जिरियाट्रिक वार्ड के पास ही टेलीमेडिसिन सेवा विभाग संचालित की जा रही है। जुलाई में शुरू सेवा के जरिए प्रतिदिन औसतन 10 मरीज परामर्श ले रहे हैं।
इसमें जयपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों से वेब केम के जरिए आमने-सामने बात करते हंै। स्थानीय स्टॉफ को उसे जो इलाज देना होता है, उसकी जानकारी देते हैं। पंजीयन के समय मरीज का सारा डाटा जैसे एक्सरे, जांच रिपोर्ट, परामर्श पर्ची व अन्य दस्तावेज स्केन करके ऑनलाइन भेजे जाते हैं। उन्हे देखने के बाद वहां के चिकित्सक मरीज से उसकी स्थिति जानकर परामर्श देते हैं।
अस्पताल में टेलीमेडिसिन सेवा सोमवार से शनिवार तक प्रतिदिन सुबह 8 से2 बजे तक दी जाती है। एेसे मरीज चाहे आर्थिक रूप से सक्षम हो या नहीं हो, सबको इस सेवा का लाभ दिया जाता है। टेलीमेडिसिन से स्थानीय अस्पताल के चिकित्सक भी अपना नॉलेज अपडेट करते है। विशेषज्ञों से टेलीमेडिसिन के माध्यम से आमने-सामने बात करते हैं। ज्ञान बढाने के साथ ही कई बार उन्हें कई बार विभिन्न समस्याओं का हल करने में भी विशेषज्ञों की मदद मिलती है।अस्पताल के टेलीमेडिसिन विभाग में जनरल फिजिशियन, गायनोलॉजिस्ट, पिडियाट्रिशन की ऑनलाइन सेवाएं मिलती है। सोमवार को ऑर्थोपेडिशियन, फिजिकल मेडिसिन व रिहेबिलीशन, मंगलवार को गेस्ट्रोएन्ट्रोललॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, बुधवार को एण्डोक्राइनोलॉजिस्ट, स्कीन व वीडी, गुरूवार को कॉर्डियोलॉजिस्ट, फिजिकल मेडिसिन व रिहेबिलीशन, शुक्रवार को नेपहरोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, शनिवार को कॉर्डियोलॉजिस्ट व यूरोलॉजिस्ट की ऑनलाईन सेवाएं मिलती है।
इन रोगियों को मिल रहा विशेष लाभ
चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशयन डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि हार्ट रोगियों, लकवा, मधुमेह, थायराइड, गुर्दो में खराबी, कैंसर सहित कई गंभीर रोगियों को लाभ मिल रहा है। एेसे रोगी जयपुर, उदयपुर व अहमदाबाद जाने के बजाएं यही से इलाज करा रहे हैं।
यह आ रही है समस्या
टेलीमेडिसिन सेवा पूर्णतया इंटरनेट आधारित है। कई बार नेट स्पीड स्लो होने से इसका लाभ नहीं मिल पाता। स्टॉफ कम समय में अधिकाधिक मरीजों को सेवा से लाभान्वित करना चाहते हंै लेकिन स्पीड बराबर नहीं आने से दिक्कत आती है।10 से 11 मरीज ही प्रतिदिन लाभान्वित हो पाते है।
मिल रहा है फायदा
चिकित्सक भी समस्याएं टेलीमेडिसिन से दूर कर रहे हैं। रोगी भी इलाज के लिए सुपर स्पेश्यलिटी हॉस्पिटल में जाने से पूर्व में सम्पर्क कर आर्थिक भार से बचकर इलाज कराएं।
डॉ. एसपी आगीवाल, प्रमुख चिकित्साधिकारी पीएमओ
Published on:
14 May 2018 12:19 pm
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