
राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेवसिंह गोगामेड़ी का रविवार को भीलवाड़ा यात्रा के दौरान स्वागत करते लोग
भीलवाड़ा।
मेवाड़ की रानी पद्मनी के जीवन चरित्र पर आधारित बताई जा रही संजयलीला भंसाली की फिल्म पद्मावती रिलीज होने से पहले फिर विवादों में आ गई है। फिल्म की शूटिंग के समय जयपुर में तीखा विरोध करने वाले राजपूत समाज के संगठन फिर सक्रिय हो गए।
राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेवसिंह गोगामेड़ी ने रविवार को भीलवाड़ा यात्रा के दौरान पत्रिका से बातचीत में आरोप लगाया कि आईएसआई व दाऊद के इशारे पर इतिहास को तोड़मरोड़ कर पेश करने वाली इस तरह की फिल्मों का निर्माण हो रहा है ताकि राजपूत सहित सम्पूर्ण हिन्दू समाज की छवि बिगाड़ी जा सके। उन्होंने आरोप लगाया, आईएसआई व दाउद के निर्देश पर ही इस फिल्म का निर्माण किया जा रहा है। गोगामेड़ी ने पद्मनी को समाज की सती बताते कहा कि समाज की सती माता का अपमान करने वाली एेसी फिल्म का प्रदर्शन पूरे देश में किसी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में सरकार ने समाज की सहमति के बिना फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देने का लिखित में आश्वासन दे रखा है। पद्मावती फिल्म के प्रोमो के बारे में पूछे सवाल पर सुखदेव ने कहा कि फिल्म वाले दो-तीन मिनट का प्रोमो या ट्रेलर अच्छा दिखा लोगों को मूर्ख बनाते है और बाद में पूरी फिल्म में अश्लीलताा व अलग ही नजारा होता है। फिल्म का प्रोमो या टे्रलर रिलीज करने से पहले राजपूत समाज से किसी तरह की कोई राय नहीं ली गई। पूरे देश में इस फिल्म का पुरजोर विरोध शुरू हो गया है।
बॉलीवुड पर हिन्दुओं को बदनाम करने का आरोप
गोगामेड़ी ने आरोप लगाया कि बॉलीवुड ने हिन्दुओं का बदनाम करने का ठेका ले रखा है। इसके तहत फिल्मों में ठाकुर को जालिम जैसा दिखा उनकी छवि खराब की जाती है,जबकि उनकी सेवा व वीरता किसी से छुपी हुई नहीं है। उन्होंने कहा कि राजपूत ही नहीं पूरा हिन्दू समाज बॉलीवुड के निशाने पर है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Published on:
22 Oct 2017 11:43 pm
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